
अधिकारियों को कड़ी फटकार, तय होगी जवाबदेहीदिशा’ की बैठक में सांसद के सख्त तेवर, बोले—विकास कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, किसानों को सिंचाई के लिए मिले
पर्याप्त बिजली-पानी; हर घर नल योजना से खोदी गई सड़कों की तत्काल मरम्मत और पोस्टमार्टम में अवैध वसूली पर कार्रवाई के निर्देश
दैनिक शुभ भास्कर सुरज सिंह उत्तर प्रदेश बुंदेलखंड ललितपुर। जिले में विकास योजनाओं की सुस्त रफ्तार और सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली को लेकर गुरुवार को आयोजित जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति दिशा की बैठक में सांसद अनुराग शर्मा का अधिकारियों के प्रति कड़ा रुख देखने को मिला। बैठक में किसानों की सिंचाई, बिजली-पानी की समस्या से लेकर क्षतिग्रस्त सड़कों, पोस्टमार्टम में कथित अवैध वसूली और सरकारी योजनाओं में लापरवाही तक के मुद्दे प्रमुखता से उठे। सांसद ने दो टूक शब्दों में अधिकारियों को चेताया कि जनता की समस्याओं की अनदेखी और विकास कार्यों में ढिलाई अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन अधिकारियों की लापरवाही से जनता को परेशानी होगी, उनकी जवाबदेही तय की जाएगी।कलेक्ट्रेट सभागार में सांसद अनुराग शर्मा की अध्यक्षता में हुई बैठक में जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की जमीनी समस्याओं को सामने रखा। बैठक में सांसद के तेवर उस समय और सख्त हो गए, जब ग्रामीण क्षेत्रों में निर्धारित रोस्टर के बावजूद पर्याप्त बिजली नहीं मिलने और नहरों में सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता प्रभावित होने की शिकायतें सामने आईं। जनप्रतिनिधियों ने बताया कि इस समय किसानों को फसलों की सिंचाई के लिए बिजली और पानी की सबसे अधिक जरूरत है, लेकिन विभागीय लापरवाही के चलते किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।किसानों की सिंचाई में बाधा बनी बिजली-पानी की समस्या, अफसरों को सख्त चेतावनीसांसद ने बिजली विभाग के अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए। जिन क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति की समस्या अधिक है, वहां अधिकारी जनप्रतिनिधियों के साथ मौके पर पहुंचकर वास्तविक स्थिति देखें और किसानों की जरूरत के अनुसार व्यवस्था सुधारें। उन्होंने सिंचाई विभाग को भी निर्देश दिए कि नहरों का संचालन पूरी क्षमता से कराया जाए और टेल तक पानी पहुंचना सुनिश्चित हो। केवल कागजी रिपोर्ट देने के बजाय किसानों से नियमित फीडबैक लेकर व्यवस्था की निगरानी की जाए। सांसद का स्पष्ट संदेश था कि खेती के महत्वपूर्ण समय में किसान बिजली-पानी के लिए भटकते मिले तो संबंधित विभाग अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकेंगे।हर घर नल योजना के नाम पर सड़कें खोदकर छोड़ीं, जनता भुगत रही खामियाजा जल जीवन मिशन के तहत हर घर नल योजना में बरती जा रही लापरवाही पर भी सांसद ने नाराजगी जताई। जनप्रतिनिधियों ने बताया कि पाइपलाइन बिछाने के नाम पर शहर से लेकर गांवों तक सड़कों को खोदकर छोड़ दिया गया है। कई स्थानों पर सड़क निर्माण के बाद दोबारा खुदाई कर दी गई, जिससे आवागमन बाधित होने के साथ दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ रहा है।इस पर सांसद ने जल निगम के शहरी एवं ग्रामीण अभियंताओं को निर्देश दिए कि संबंधित ग्राम प्रधानों और जनप्रतिनिधियों के साथ मौके पर पहुंचकर क्षतिग्रस्त सड़कों को चिह्नित करें और उनकी मौजूदगी में तत्काल मरम्मत कराएं। उन्होंने साफ किया कि जनता को सुविधा देने के नाम पर शुरू की गई योजना लोगों के लिए परेशानी का कारण नहीं बननी चाहिए। काम कराने वाली एजेंसियों को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी।किसानों को मिट्टी ले जाने पर परेशान किया तो बर्दाश्त नहीं होगा उत्पीड़न बैठक में किसानों को खेत से निजी उपयोग के लिए मिट्टी ले जाने पर परेशान किए जाने का मामला भी उठा। जनप्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि किसान अपने खेत से मिट्टी ले जाते हैं तो परिवहन, खनन विभाग और पुलिस द्वारा उन्हें अनावश्यक रूप से परेशान किया जाता है तथा चालान किए जाते हैं।सांसद ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वास्तविक किसानों को निजी उपयोग के लिए मिट्टी ले जाने पर बेवजह परेशान न किया जाए। हालांकि किसानों की आड़ में अवैध खनन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि कार्रवाई वास्तविक दोषियों पर होनी चाहिए, न कि अपने खेत की मिट्टी ले जाने वाले किसानों पर।पोस्टमार्टम के नाम पर अवैध वसूली की शिकायत से सांसद नाराज, सीएमओ को दिए निर्देश स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए बैठक में पोस्टमार्टम के नाम पर लोगों से कथित तौर पर अवैध धनराशि मांगे जाने और उन्हें परेशान किए जाने की शिकायत भी उठाई गई। इस पर सांसद ने गंभीर नाराजगी जताई और मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिए कि चिकित्सकों की उपलब्धता के अनुसार पोस्टमार्टम ड्यूटी का रोस्टर तैयार किया जाए। उसी के अनुरूप पोस्टमार्टम की व्यवस्था सुनिश्चित हो, ताकि पीड़ित परिवारों को अनावश्यक परेशानी न उठानी पड़े। साथ ही पोस्टमार्टम व्यवस्था के कारण अस्पताल की ओपीडी सेवाएं भी प्रभावित न हों।योजनाओं में अपात्रों की जगह पात्रों को मिले लाभ, सूची जनप्रतिनिधियों को देने के निर्देशसांसद ने सरकारी जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता पर जोर देते हुए कहा कि योजनाओं का लाभ वास्तविक पात्र व्यक्तियों तक पहुंचना चाहिए। इसके लिए गांव-गांव में जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में चिन्हांकन शिविर आयोजित किए जाएं। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि प्रत्येक योजना के पात्र और अपात्र लाभार्थियों की सूची जनप्रतिनिधियों को अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाए।दिव्यांगजनों के लिए संचालित योजनाओं के लाभार्थियों का विकासखंडवार शिविर लगाकर चयन करने तथा इन शिविरों में जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित करने के निर्देश भी दिए गए। प्रधानमंत्री आयुष्मान जन आरोग्य योजना और जीरो पॉवर्टी अभियान की समीक्षा करते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाकर पात्र लोगों को योजनाओं से जोड़ने पर जोर दिया गया।प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के तहत महत्वाकांक्षी विकासखंड मड़ावरा के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों से प्रस्ताव आमंत्रित करने के निर्देश दिए गए। सांसद ने किसानों को खाद, बीज और उर्वरकों की उपलब्धता सुगम बनाने के साथ प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, फसल क्षति राहत राशि वितरण और राशन वितरण सहित विभिन्न योजनाओं की भी समीक्षा की।कागजों में नहीं, जमीन पर दिखना चाहिए शिकायतों का निस्तारण बैठक में जिलाधिकारी सत्य प्रकाश ने जनशिकायतों के निस्तारण को लेकर अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी माध्यम से प्राप्त शिकायत का निस्तारण केवल कागजों में औपचारिकता पूरी करके न किया जाए। शिकायतकर्ता से संपर्क कर उसकी मौजूदगी में समस्या का समाधान कराया जाए, ताकि वास्तविक रूप से उसे राहत मिल सके।जिलाधिकारी ने जनप्रतिनिधियों से किसानों को सिंचाई के लिए चाइनीज बिजली के तारों का इस्तेमाल न करने के प्रति जागरूक करने की अपील की। उन्होंने कहा कि ऐसे तारों के इस्तेमाल से दुर्घटनाओं की शिकायतें सामने आ रही हैं।सांसद के सख्त तेवरों से विभागीय अधिकारियों में दिखी जवाबदेही की चिंता पूरी बैठक में विकास कार्यों की गुणवत्ता, समयबद्धता और जनता को मिलने वाली सुविधाओं पर विशेष जोर रहा। सांसद ने अधिकारियों को यह संदेश दिया कि सरकारी योजनाओं का उद्देश्य सिर्फ लक्ष्य पूरा करना और रिपोर्ट तैयार करना नहीं, बल्कि आम जनता को उसका वास्तविक लाभ पहुंचाना है। किसानों की सिंचाई, सड़कों की मरम्मत, स्वास्थ्य सेवाओं और जनकल्याणकारी योजनाओं में लापरवाही सामने आने पर संबंधित विभागों को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। बैठक का मुख्य संदेश साफ रहा कि जनता की परेशानी पर पर्दा डालने के बजाय उसका समाधान करना अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है।बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष कैलाश नारायण निरंजन, एमएलसी रमा निरंजन, राज्यमंत्री प्रतिनिधि चंद्रशेखर पंथ, सदर विधायक प्रतिनिधि श्रीकांत कुशवाहा, एमएलसी प्रतिनिधि केदारनाथ तिवारी, नगर पालिका अध्यक्ष सोनाली जैन, तालबेहट नगर पंचायत अध्यक्ष पुनीत सिंह, पाली नगर पंचायत अध्यक्ष मनीष तिवारी सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।इस दौरान जिलाधिकारी सत्य प्रकाश, पुलिस अधीक्षक संजीव कुमार बाजपेई, मुख्य विकास अधिकारी शेषनाथ चौहान, एडीएम दिनेश कुमार एवं संजय मिश्रा, सीएमओ डॉ. वीरेंद्र सिंह, डीडीओ अतिरंजन सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं अभियंता उपस्थित रहे। बैठक के अंत में सांसद अनुराग शर्मा ने सभी को दीपावली पर्व की शुभकामनाएं दीं।











