
- बालगृह के बच्चों का भविष्य संवारने में जुटा प्रशासन, नवोदय विद्यालय में प्रवेश दिलाने की तैयारी
डीएम सत्य प्रकाश ने राजकीय बालगृह दैलवारा का किया औचक निरीक्षण, बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने के निर्देश
परिवार से बिछड़े बच्चों को अपनों से मिलाने की पहल, व्यावसायिक शिक्षा देकर आत्मनिर्भर बनाने पर जोर
मानवाधिकार आयोग के मानकों से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं, भोजन, शिक्षा, स्वास्थ्य और स्वच्छता व्यवस्था दुरुस्त रखने की हिदायत
दैनिक शुभ भास्कर सुरज सिंह उत्तर प्रदेश बुंदेलखंड ललितपुर। राजकीय बालगृह में रह रहे बच्चों का भविष्य संवारने और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए जिला प्रशासन ने गंभीरता दिखाई है। जिलाधिकारी सत्य प्रकाश ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के निर्देशों के क्रम में राजकीय बाल गृह (बालक) दैलवारा का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की हकीकत परखी। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि बालगृह में रह रहे बच्चों को केवल आश्रय तक सीमित न रखा जाए, बल्कि उनकी शिक्षा, कौशल विकास और बेहतर भविष्य के लिए ठोस प्रयास किए जाएं।निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने बच्चों को जवाहर नवोदय विद्यालय की प्रवेश परीक्षा की विशेष तैयारी कराने और योग्य बच्चों का प्रवेश सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए। इसके साथ ही जिन बच्चों के परिवारों का पता नहीं है, उनके परिजनों की तलाश कराई जाए और बाल संरक्षण समिति के माध्यम से नियमानुसार उन्हें परिवार से मिलाने की व्यवस्था की जाए।बच्चों के भविष्य के लिए शिक्षा के साथ हुनर भी जरूरी जिलाधिकारी ने बालगृह में रह रहे बच्चों के शारीरिक, मानसिक और शैक्षिक विकास को लेकर अधिकारियों से जानकारी ली। उन्होंने शयन कक्ष, कक्षाओं, रसोईघर और शौचालयों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान बच्चे पढ़ाई करते हुए मिले। जिलाधिकारी ने बच्चों से व्यक्तिगत रूप से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और व्यवस्थाओं के संबंध में फीडबैक लिया।उन्होंने निर्देश दिए कि बच्चों को सामान्य शिक्षा के साथ व्यावहारिक एवं व्यावसायिक शिक्षा भी उपलब्ध कराई जाए, ताकि वे भविष्य में किसी हुनर को अपनाकर स्वरोजगार से जुड़ सकें और आत्मनिर्भर बन सकें। उनका उद्देश्य बच्चों को बेहतर शिक्षा के साथ रोजगारपरक प्रशिक्षण देकर आत्मसम्मान के साथ जीवन जीने के योग्य बनाना है।भोजन, स्वास्थ्य और साफ-सफाई में लापरवाही पर सख्त रुख डीएम ने बालगृह में बच्चों के खानपान और स्वास्थ्य को लेकर भी विशेष निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भोजन निर्धारित मीनू के अनुसार तैयार किया जाए और उसकी गुणवत्ता एवं पोषण का पूरा ध्यान रखा जाए। बच्चों के शारीरिक विकास के लिए नियमित खेलकूद, व्यायाम और योग जैसी गतिविधियां भी कराई जाएं।परिसर, शयन कक्ष, क्लास रूम, रसोईघर और शौचालयों में नियमित साफ-सफाई बनाए रखने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि बच्चों के अधिकारों, सुरक्षा, शिक्षा और सुविधाओं के मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। मानवाधिकार आयोग के निर्धारित मानकों के अनुरूप सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं।निरीक्षण के दौरान अपर पुलिस अधीक्षक कालू सिंह, उप जिलाधिकारी सदर हेमंत पटेल, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रत्नेश कुमार, जिला पंचायत राज अधिकारी कुंवर सिंह, जिला प्रोबेशन अधिकारी नंदलाल सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी नीरज सिंह, जिला सूचना अधिकारी डीएस दयाल, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका दिनेश कुमार विश्वकर्मा सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी एवं बाल संरक्षण समिति के पदाधिकारी उपस्थित रहे।











