
संस्कृत विश्वविद्यालय में भगवान धन्वंतरि का विधिवत पूजन-अर्चन।
वाराणसी। धनतेरस के अवसर पर सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय के स्वास्थ्य केंद्रम् में आयुर्वेद के आराध्य देव भगवान धन्वंतरि का विधि-विधानपूर्वक पूजन-अर्चन किया गया। इस अवसर पर छात्र कल्याण संकाय प्रमुख प्रो. शैलेश कुमार मिश्र ने वैदिक एवं पारंपरिक विधि से भगवान धन्वंतरि की आराधना कर विश्वविद्यालय परिवार सहित समस्त विश्व के उत्तम स्वास्थ्य, निरोगी जीवन, सुख-समृद्धि एवं लोककल्याण की मंगलकामना की। इस अवसर पर प्रो. शैलेश कुमार मिश्र ने कहा कि भगवान धन्वंतरि भारतीय आयुर्वेद परंपरा के प्रवर्तक एवं आराध्य देव हैं। धनतेरस का पावन पर्व हमें स्वास्थ्य को जीवन की सबसे बड़ी संपदा मानने तथा निरोगी जीवन के प्रति सजग रहने का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद और योग भारतीय ज्ञान परंपरा की अमूल्य धरोहर हैं। स्वस्थ एवं संतुलित जीवन के लिए हमें अपनी दिनचर्या में योग, आयुर्वेद, संयमित आहार और प्राकृतिक जीवनशैली को आत्मसात करना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में ‘स्वस्थस्य स्वास्थ्य रक्षणम्, आतुरस्य विकार प्रशमनम्’ की भावना को विशेष महत्त्व दिया गया है। स्वास्थ्य केवल व्यक्तिगत विषय नहीं, बल्कि परिवार, समाज और राष्ट्र की समृद्धि का आधार है। भगवान धन्वंतरि की आराधना हमें आरोग्य, सेवा, करुणा एवं सर्वजन हिताय की भावना के साथ जीवन जीने की प्रेरणा प्रदान करती है। पूजन कार्यक्रम में विश्वविद्यालय परिवार के सदस्यों ने श्रद्धापूर्वक सहभागिता करते हुए सभी के स्वस्थ, सुखी एवं निरोगी जीवन तथा समस्त विश्व के कल्याण की प्रार्थना की। उक्त पूजन पुजारी डॉ राजकुमार मिश्र ने किया। उक्त अवसर पर सुनील कुमार, प्रदीप कुमार पाण्डेय, संजय कुमार तिवारी आदि उपस्थित थे।











