
शिवाजी पार्क में सीवरेज ओवरफ्लो, सड़क पर बह रहा गंदा पानी।
वार्ड 62 के लोगों में रोष, नगर निगम की व्यवस्था पर उठे सवाल।
नागपाल शर्मा माचाडी की रिपोर्ट
(माचाडीअलवर):-अलवर- अलवर शहर के वार्ड नंबर 62 स्थित शिवाजी पार्क क्षेत्र में सीवरेज व्यवस्था बदहाल होने से स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पिछले करीब दो सप्ताह से सीवरेज का गंदा पानी सड़कों पर बहने और जगह-जगह जमा होने की शिकायत सामने आई है। इससे क्षेत्र में दुर्गंध फैलने के साथ ही संक्रमण और बीमारियों का खतरा भी बना हुआ है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में करीब 40 वर्ष पुरानी सीवरेज लाइन होने के कारण आए दिन समस्या उत्पन्न होती है। वर्तमान में सीवरेज का पानी ओवरफ्लो होकर सड़कों पर जमा है, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा है।
करोड़ों की सीवरेज मशीनें भी नहीं आ रहीं काम
लोगों का कहना है कि नगर निगम द्वारा हाल ही में सीवरेज सफाई के लिए करोड़ों रुपये की मशीनें खरीदी गई थीं,लेकिन संबंधित मशीनें पिछले करीब एक सप्ताह से खराब पड़ी हैं। ऐसे में छोटी टंकियों के माध्यम से सीवरेज सफाई की महज खानापूर्ति किए जाने के आरोप लगाए जा रहे हैं।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि एक ओर शहर में स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को लेकर अभियान चलाए जा रहे हैं,वहीं दूसरी ओर सीवरेज का गंदा पानी खुले में बह रहा है। इससे नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
पौधरोपण के साथ सीवरेज व्यवस्था सुधारने की मांग
क्षेत्रवासियों ने जनप्रतिनिधियों और नगर निगम प्रशासन से सीवरेज समस्या का तत्काल समाधान कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि केवल पौधरोपण करने से पर्यावरण संरक्षण का उद्देश्य पूरा नहीं होगा, बल्कि शहर में साफ-सफाई और सीवरेज की बेहतर व्यवस्था भी जरूरी है।
स्थानीय लोगों ने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि यदि सीवरेज का समाधान नहीं हो पा रहा है तो ओवरफ्लो हो रहे सीवरेज स्थलों के आसपास ही पेड़ लगा दिए जाएं। इससे कम से कम भविष्य में इन स्थानों को हरित क्षेत्र के रूप में विकसित किया जा सकेगा। हालांकि नागरिकों की वास्तविक मांग सीवरेज लाइन की मरम्मत और गंदे पानी की समस्या का स्थायी समाधान है।
क्षेत्रवासियों ने नगर निगम से जल्द सफाई व्यवस्था दुरुस्त कर सीवरेज लाइन की समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की है, ताकि लोगों को दुर्गंध, गंदगी और बीमारी के खतरे से राहत मिल सके।











