
मुख्यमंत्री के प्रतापगढ़ दौरे से पहले गरमाया विद्या संबल भर्ती मुद्दा।
नागपाल शर्मा माचाडी राजस्थान अलवर-प्रतापगढ़-
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के प्रतापगढ़ दौरे से पहले विद्या संबल योजना के तहत होने वाली भर्ती प्रक्रिया में संशोधन और टीएसपी क्षेत्र के स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता देने की मांग को लेकर जिले का सियासी माहौल गरमा गया है। भर्ती प्रक्रिया में स्थानीय अभ्यर्थियों को प्राथमिकता देने की मांग को लेकर शनिवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं एवं अभ्यर्थियों ने प्रदर्शन कर अपनी नाराजगी जाहिर की।विद्या संबल योजना में नियुक्तियों को लेकर लंबे समय से स्थानीय युवाओं द्वारा मांग उठाई जा रही है। अभ्यर्थियों का कहना है कि टीएसपी क्षेत्र के युवाओं के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्हें नियुक्तियों में प्राथमिकता मिलनी चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि विद्या संबल भर्ती प्रक्रिया में टीएसपी क्षेत्र की स्थानीय परिस्थितियों और आरक्षण व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए आवश्यक संशोधन किया जाए।
इस मुद्दे को लेकर पूर्व विधायक रामलाल मीणा भी पहले ही आवाज उठा चुके हैं। उन्होंने विद्या संबल भर्ती प्रक्रिया में सुधार की मांग करते हुए युवाओं के हितों की अनदेखी किए जाने पर आंदोलन की चेतावनी दी थी। इसके बाद शनिवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं और अभ्यर्थियों के प्रदर्शन से मामला एक बार फिर राजनीतिक चर्चा के केंद्र में आ गया।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि टीएसपी क्षेत्र के स्थानीय अभ्यर्थियों को रोजगार के अवसरों में प्राथमिकता मिलना जरूरी है। उनका कहना है कि क्षेत्र की विशेष सामाजिक एवं भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए यहां लागू आरक्षण व्यवस्था का भी भर्ती प्रक्रिया में प्रभावी ढंग से पालन किया जाना चाहिए।
प्रदर्शन के दौरान अभ्यर्थियों ने सरकार से विद्या संबल योजना की भर्ती प्रक्रिया की समीक्षा करने,स्थानीय युवाओं के हित में नियमों में आवश्यक बदलाव करने तथा टीएसपी क्षेत्र की आरक्षण व्यवस्था को प्रभावी रूप से लागू करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
मुख्यमंत्री के प्रतापगढ़ दौरे से ठीक पहले उठे इस मुद्दे ने राजनीतिक सरगर्मी बढ़ा दी है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार और प्रशासन की ओर से स्थानीय अभ्यर्थियों की मांग को लेकर क्या कदम उठाया जाता है।











