
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार में होगा मंत्रिमंडल का विस्तार
दैनिक शुभ भास्कर श्रीमती हंसा नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार के तीसरे कार्यकाल के करीब ढाई साल हो चुके हैं। इस दौरान कई मंत्री मंत्रिपरिषद से निकल चुके हैं। मौजूदा सरकार में कुल मंत्रियों की निर्धारित संख्या के हिसाब से देखें तो 13 पद खाली हैं। कई कैबिनेट मंत्रियों को तो तीन-तीन मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभालनी पड़ रही है। सोमवार को बीजेपी ने यूपी से जो 8 राज्यसभा उम्मीदवारों के नाम घोषित किए, उससे लगता है कि दो और मंत्री भी इस्तीफा दे सकते हैं। ऐसे में लगता है कि संसद के शीतकालीन सत्र से पहले मंत्रिपरिषद विस्तार की बड़ी संभावना है।

कैबिनेट विस्तार हो सकता है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने तीन कार्यकाल में एक बार भी मंत्रिपरिषद का विस्तार नहीं किया है। लेकिन, अब लगता है कि कुछ मंत्रियों पर जिस तरह से काम का दबाव बढ़ा हुआ है, उसकी वजह से शीतकालीन सत्र से पहले मोदी मंत्रिपरिषद में बड़ा बदलाव दिख सकता है। इसमें कुछ नए चेहरों को भी जगह मिल सकती है और कुछ के मंत्रालय भी बदले जा सकते हैं।

मोदी कैबिनेट में 12 ऐसे मंत्री हैं, जिन के पास कई-कई पोर्टफोलियो हैं।
दो कैबिनेट मंत्रियों के पास तो तीन-तीन बड़े मंत्रालयों का जिम्मा है।
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दिया तो केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को शिक्षा जैसे बड़े और महत्वपूर्ण मंत्रालय की भी जिम्मेदारी संभालनी पड़ रही है।केंद्रीय मंत्रिपरिषद में रह गए मात्र 68 मंत्री इस समय अमित शाह, जेपी नड्डा, शिवराज सिंह चौहान, निर्मला सीतारमण, मनोहर लाल खट्टर, अश्विनी वैष्णव, प्रह्लाद जोशी और जी किशन रेड्डी के पास एक से ज्यादा मंत्रालयों के प्रभार हैं। केंद्रीय मंत्रिपरिषद में ज्यादा से ज्यादा 81 मंत्री हो सकते हैं। इस समय मोदी सरकार में 29 कैबिनेट मंत्री, 5 राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार और 34 राज्यमंत्री हैं। इस तरह से अधिकतम 81 मंत्रियों के मुकाबले मोदी मंत्रिपरिषद में कुल 68 मंत्री हैं,











