
पाकिस्तान-अफगानिस्तान में नहीं बनी सहमति, मॉस्को वार्ता बिना साझा बयान के खत्म
दैनिक शुभ भास्कर श्रीमती हंसा अफगानिस्तान पर ‘मास्को फार्मेट’ की क्षेत्रीय बातचीत का आठवां दौर पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच आतंकवाद व सुरक्षा मुद्दों पर असहमति के कारण बिना किसी संयुक्त बयान के समाप्त हो गया।
मास्को फार्मेट वार्ता बिना संयुक्त बयान के समाप्त हुई मास्को फार्मेट वार्ता बिना संयुक्त बयान के समाप्त हुई इस्लामाबाद। अफगानिस्तान पर ‘मास्को फार्मेट’ की क्षेत्रीय बातचीत का आठवां दौर बिना किसी संयुक्त बयान के खत्म हो गया। इस असफलता का मुख्य कारण पाकिस्तान और अफगानिस्तान के प्रतिनिधिमंडलों के बीच आतंकवाद और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर गहरी असहमति होना था।
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के विशेष दूत जमीर काबुलोव ने इस बात पर गहरा खेद व्यक्त किया कि सभी प्रतिभागी देश अंतिम दस्तावेज पर आम सहमति नहीं बना सके। बैठक में चीन, भारत, ईरान, रूस और मध्य एशियाई देशों के विशेष दूत शामिल हुए थे। विवाद की मुख्य जड़ दोनों पड़ोसी देशों के बीच आतंकवाद से निपटने के तरीकों पर टकराव हुआ है
मुख्य बातें और विवाद
1 पाकिस्तान और तालिबान में तीखी झड़प: बैठक के दौरान पाकिस्तान और अफगान तालिबान के प्रतिनिधियों के बीच आतंकवाद और डूरंड लाइन के पार सैन्य कार्रवाई को लेकर जमकर आरोप-प्रत्यारोप हुए।
2 एक-दूसरे की सरकारों पर तंज: अफगान विदेश मंत्री अमीर खान मुत्ताकी ने पाकिस्तान को ‘सैन्य शासन’ Military Regime कहा, जबकि पाकिस्तानी अधिकारियों ने काबुल की सत्ता को ‘तालिबान शासन’ बताया।
3 भारत का रुख: भारत के प्रतिनिधिमंडल ने स्पष्ट किया कि भारत अफगानिस्तान की संप्रभुता, एकता और क्षेत्रीय अखंडता के साथ चट्टान की तरह खड़ा है।
4 सहमति की असफलता: आतंकवाद और सुरक्षा के मुद्दों पर आपसी गहरे मतभेदों के कारण यह बैठक किसी अंतिम दस्तावेज या साझा बयान पर सहमति नहीं बना सकी।











