
ध्रुव राठी देश विरोधी कार्य ऐसे सभी लोगों पर सख्त सरकार को कार्रवाई करनी चाहिए
दैनिक शुभ भास्कर सुनील कुमार मिश्रा बद्री ध्रुव राठी जो जर्मनी में रहते हैं और हिंदुस्तान देश का माहौल खराब कर रहे हैं कई सोशल मीडिया पर एक्टिव युटुब देश विरोधी कार्य कर रहे हैं सरकार को ऐसे लोगों को ढूंढ कर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए राष्ट्रहित में यह कारवाइयां जरूरी है देश की छवि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खराब हो रही है पुलिस और सेना को विरोध प्रदर्शनों में शामिल होने की अपील पर विवाद हाल ही में ध्रुव राठी ने भारत में चल रहे विरोध प्रदर्शनों के दौरान कथित तौर पर पुलिस, सेना और बॉलीवुड हस्तियों से सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरने की अपील की थी। विरोधियों और बीजेपी का आरोप: BJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया और कई सेवानिवृत्त सैन्य दिग्गजों ने इस पर तीखी आपत्ति जताई है। उनका आरोप है कि सुरक्षा बलों और सेना को राजनीतिक विवादों या विरोध प्रदर्शनों में घसीटना बेहद चिंताजनक है और यह लोकतांत्रिक व्यवस्था को अस्थिर करने या ‘सत्ता परिवर्तन’ की कोशिश जैसा है।ध्रुव राठी का पक्ष: राठी ने स्पष्ट किया है कि वे किसी भी हिंसक आंदोलन या अवैध ‘तख्तापलट’ का समर्थन नहीं कर रहे हैं, बल्कि एक नागरिक के तौर पर लोकतंत्र को बचाने और शांतिपूर्ण चुनावी पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं। लोकतंत्र के नाम पर आप कुछ ऐसा नहीं कर सकते जो राष्ट्र विरोधी हो भारत अब लोकतांत्रिक देश नहीं रहा” और चुनाव आयोग पर टिप्पणी भारत में देश भर के लोगों ने सरकार चुनने में प्रधानमंत्री जो वोट डालें इसका मतलब कुछ भी नहीं रहा सिर्फ आप ही की आवाज सुनी जाएगी सारी जनता को गुमराह करके उनके बोर्ड का कोई मूल्य नहीं सिर्फ आपके आंदोलन का मूल्य रह जाएगा ध्रुव राठी ने हाल ही में चुनाव आयोग ECI की निष्पक्षता और मतदाता सूचियों में कथित गड़बड़ियों को लेकर सरकार पर कड़ा हमला बोला है बयान: उन्होंने बेंगलुरु में आयोजित ‘पीपल्स ट्रिब्यूनल’ में बोलते हुए कहा कि “भारत अब एक लोकतांत्रिक देश नहीं रहा” और देश में “वोट चोरी” एक गंभीर मुद्दा बन गया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि चुनाव आयोग में पारदर्शिता और जवाबदेही शून्य हो चुकी है। विवाद: आलोचकों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय मंचों और बड़े स्तर पर देश की संवैधानिक संस्थाओं जैसे चुनाव आयोग की साख पर इस तरह के सवाल उठाना देश की छवि को नुकसान पहुँचाता है। नागरिकता और विरोध प्रदर्शनों में शामिल होने पर कानूनी सवाल राठी मुख्य रूप से जर्मनी में रहते हैं, जिसके कारण उनकी नागरिकता को लेकर भी विवाद खड़ा किया गया आरोप: पूर्व आईपीएस अधिकारी भास्कर राव सहित कुछ लोगों ने केंद्रीय गृह मंत्रालय को पत्र लिखकर मांग की कि ध्रुव राठी के नागरिकता और वीज़ा स्टेटस की जांच की जाए कि क्या कोई विदेशी या OCI कार्डधारक भारत में आकर राजनीतिक प्रदर्शनों में भाग ले सकता है। कुछ मीडिया चैनल्स ने आरोप लगाया कि वे भारत विरोधी ‘टूलकिट’ का हिस्सा हैं। निष्कर्ष:देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को 120 करोड़ जनता ने वोट देखे चुनाव जितवाया है सरकार इन बयानों को ‘संस्थाओं को बदनाम करने’ और ‘देश का माहौल बिगाड़ने’ का प्रयास बताते हैं। सरकार को ऐसे लोगों में सख्त कार्रवाई करनी चाहिए











