
बालिकाओं और महिलाओं को योजनाओं की दी जानकारी, शिक्षा के प्रति जागरूकता का संदेश।
दैनिक शुभ भास्कर नागपाल शर्मा माचाड़ी
राजस्थान अलवर-रैणी- अलवर जिले के रैणी उपखंड क्षेत्र में महिला अधिकारिता विभाग की ओर से बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना एवं अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के उपलक्ष्य में ग्राम पंचायत बबेली,पंचायत समिति रैणी में बालिका शिक्षा,सुरक्षा एवं सम्मान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन महिला अधिकारिता विभाग की साथिन सुगन देवी के मार्गदर्शन में श्रीमान उपनिदेशक महोदय,अलवर के निर्देशानुसार किया गया।
कार्यक्रम के दौरान बालिकाओं एवं महिलाओं को शिक्षा के महत्व,बालिका अधिकारों,महिला सुरक्षा तथा सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रति जागरूक किया गया। जाजम बैठक के माध्यम से महिलाओं और किशोरी बालिकाओं को विभागीय योजनाओं की विस्तृत जानकारी देते हुए इनका लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने, बालिका शिक्षा को प्रोत्साहित करने तथा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर दिया गया।
बालिकाओं को सरकारी योजनाओं की दी जानकारी
जागरूकता कार्यक्रम में महिलाओं एवं बालिकाओं को राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी गई। इनमें लाड़ो प्रोत्साहन योजना,शिक्षा सेतु योजना, कालीबाई भील संबल योजना तथा कालीबाई उड़ान योजना सहित अन्य जनकल्याणकारी योजनाएं शामिल रहीं। इन योजनाओं के उद्देश्यों, बालिकाओं की शिक्षा में उनकी उपयोगिता तथा महिलाओं के सशक्तीकरण में उनकी भूमिका के बारे में बताया गया।
कार्यक्रम में बताया गया कि बालिकाओं को शिक्षा के समान अवसर उपलब्ध कराना, उन्हें सुरक्षित वातावरण प्रदान करना और उनके अधिकारों के प्रति जागरूक बनाना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। शिक्षित बालिकाएं न केवल अपने भविष्य को बेहतर बना सकती हैं, बल्कि परिवार, समाज और देश के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान देती हैं।
सप्ताहभर विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से किया जागरूक
अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के उपलक्ष्य में 11 अक्टूबर से 16 अक्टूबर तक विभिन्न जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया गया। इन गतिविधियों के माध्यम से बालिकाओं की शिक्षा,सुरक्षा, स्वास्थ्य,अधिकारों और आर्थिक आत्मनिर्भरता से जुड़े विषयों पर जानकारी प्रदान की गई11 अक्टूबर जागरूकता एवं शुभारंभ दिवस: इस दिन जागरूकता रैली निकालने के साथ बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ की शपथ दिलाई गई। इसका उद्देश्य समाज में बालिकाओं के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करना और बेटियों की शिक्षा को बढ़ावा देना रहा।
12 अक्टूबर डिजिटल जागरूकता एवं कौशल विकास: विद्यालयों में माय भारत पोर्टल पर पंजीकरण तथा स्किल मैनेजमेंट से संबंधित कार्यशाला आयोजित की गई। इसके माध्यम से बालिकाओं एवं युवाओं को डिजिटल प्लेटफॉर्म और कौशल विकास के अवसरों के प्रति जागरूक किया गया13 अक्टूबर बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता: बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम तथा बाल विवाह मुक्त भारत पोर्टल के संबंध में जानकारी दी गई। बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति को समाप्त करने और बालिकाओं को शिक्षा एवं विकास के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराने के लिए जागरूकता और शपथ कार्यक्रम आयोजित किया गया।
14 अक्टूबर महिला सशक्तीकरण एवं आर्थिक आत्मनिर्भरता: नारी शक्ति, उद्यम प्रोत्साहन और आर्थिक सशक्तीकरण से जुड़ी योजनाओं की जानकारी प्रदान की गई। महिलाओं को स्वरोजगार, आर्थिक आत्मनिर्भरता और सरकारी सहायता योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया गया।
15 अक्टूब सफल महिलाओं से संवाद: महिला चैंपियन के साथ संवाद कार्यक्रम के माध्यम से किशोरी बालिकाओं को महिला उद्यमियों, खिलाड़ियों और विभिन्न क्षेत्रों में सफलता हासिल करने वाली महिलाओं से जोड़ने पर जोर दिया गया। इसका उद्देश्य बालिकाओं में आत्मविश्वास बढ़ाना और उन्हें अपने लक्ष्य निर्धारित करने के लिए प्रेरित करना रहा।
16 अक्टूबर बालिका शिक्षा पर विशेष कार्यशाला: सप्ताह के अंतिम दिन बालिका शिक्षा से संबंधित योजनाओं के प्रचार-प्रसार के लिए विशेष कार्यशाला एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें बालिकाओं और महिलाओं को शिक्षा के महत्व, सरकारी योजनाओं तथा उपलब्ध अवसरों की जानकारी देकर उनका लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया गया बेटियों की शिक्षा और सम्मान से ही बनेगा सशक्त समाज कार्यक्रम के माध्यम से संदेश दिया गया कि बेटियों को शिक्षित करना, उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना और उन्हें सम्मानजनक अवसर प्रदान करना एक बेहतर समाज के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। बाल विवाह पर रोक,महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता तथा बालिकाओं को शिक्षा से जोड़ने के लिए परिवार और समाज की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।
महिला अधिकारिता विभाग की ओर से संचालित इस सप्ताहव्यापी जागरूकता अभियान का उद्देश्य सरकारी योजनाओं की जानकारी जन-जन तक पहुंचाना तथा महिलाओं और बालिकाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक बनाना रहा। ऐसे कार्यक्रम ग्रामीण क्षेत्रों में बालिका शिक्षा को प्रोत्साहित करने और महिला सशक्तीकरण को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मिडिया को यह जानकारी महिला अधिकारिता विभाग की साथिन उर्मिला शर्मा द्वारा दी गई











