
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर भीषण हादसा: नाले में गिरी श्रद्धालुओं से भरी मिनी बस, मध्य प्रदेश के 8 लोगों की मौत
शुभ भास्कर ब्यूरो, कोटा 17 अक्टूबर 2026:
राजस्थान के कोटा जिले में शनिवार तड़के एक हृदयविदारक सड़क हादसा हो गया। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर सिमलिया थाना क्षेत्र के अंतर्गत कराड़िया टोल के पास मध्य प्रदेश के श्रद्धालुओं से भरी एक टेम्पो ट्रैवलर मिनी बस अनियंत्रित होकर पुलिया से करीब 15 फीट नीचे बरसाती नाले में जा गिरी। इस भीषण दुर्घटना में 8 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 17 से अधिक यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। सभी मृतक मध्य प्रदेश के बैतूल मुलताई और भोपाल के रहने वाले थे।
खाटूश्यामजी के दर्शन करने जा रहा था ग्रुप
जानकारी के अनुसार, मिनी बस में सवार सभी 25 से अधिक यात्री आपस में परिचित और रिश्तेदार थे, जिन्होंने भोपाल से राजस्थान के प्रसिद्ध खाटूश्याम मंदिर के दर्शन के लिए एक साथ यात्रा की योजना बनाई थी। शनिवार सुबह करीब 6:00 बजे जब गाड़ी एक्सप्रेसवे के पोल नंबर 384 के पास पहुंची, तभी चालक को नींद की झपकी आ गई। रफ्तार तेज होने के कारण बस अनियंत्रित होकर डिवाइडर और रेलिंग को तोड़ती हुई सीधे नाले में जा गिरी।
खिड़कियां और कांच तोड़कर निकाले गए घायल
हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। अंधेरा होने और नाले में कीचड़ व पानी जमा होने के कारण शुरुआती राहत कार्य में काफी दिक्कतें आईं। सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीणों और सिमलिया थाना पुलिस ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। बस का अगला हिस्सा बुरी तरह चकनाचूर हो जाने के कारण कई लोग सीटों के बीच ही फंस गए थे। बचाव दल ने क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त गाड़ी को सीधा किया और बस की खिड़कियां व कांच तोड़कर घायलों को बाहर निकाला। अस्पतालों में इलाज जारी, प्रशासन मुस्तैद कोटा के जिला कलेक्टर पीयूष समारिया और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रामकल्याण मीणा ने घटनास्थल और अस्पताल का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। प्रशासन ने तुरंत एम्बुलेंस सेवाओं की मदद से सभी घायलों को कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल NMCH और एमबीएस MBS अस्पताल में भर्ती कराया है, जहां गंभीर रूप से घायल मरीजों का इलाज आईसीयू ICU में चल रहा है।
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने जताया दुख, आर्थिक सहायता का ऐलान

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस हादसे पर गहरा दुख प्रकट करते हुए शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं। मध्य प्रदेश सरकार ने मृतकों के आश्रितों को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने और घायलों के मुफ्त व समुचित इलाज के निर्देश दिए हैं।











