
परिसीमन से जुड़े मुद्दे पर सरकार ने इन राजनीतिक दलों से बातचीत की है
दैनिक भास्कर नई दिल्ली ब्यूरो संसद में बिल पारित कराने में बाधा न बने कांग्रेस’, संसदीय कार्य मंत्री रिजिजू ने खड़गे को लिखी चिट्ठी किरेन रिजिजू ने सर्वदलीय बैठक को लेकर मल्लिकार्जुन खड़गे को चिट्ठी लिखी है. इसमें उन्होंने संसद के कामकाज को लेकर सरकार का पक्ष रखा और सभी राजनीतिक दलों से सहयोग की अपील की.अंतर के कई उदाहरण दिए. उन्होंने इन वर्षों का जिक्र किया:
1987: 76 दिन का अंतर
1989: 54 दिन का अंतर.
2006: 49 दिन का अंतर
2013: 49 दिन का अंतर
1963: 41 दिन का अंतर
रिजिजू ने 2008 का उदाहरण भी दिया. उस साल लोकसभा में सरकार के बहुमत पर चर्चा और मतदान के लिए 21 और 22 जुलाई को बैठक हुई थी. इसके बाद 17 अक्टूबर को लोकसभा की बैठक हुई. 24 अक्टूबर को बैठक स्थगित कर दी गई और 10 दिसंबर को फिर बैठक हुई.
सरकार का कहना है कि पहले भी संसद की बैठकों के बीच लंबा अंतर रहा है. इसलिए मौजूदा स्थिति को अपने आप में नियमों का उल्लंघन नहीं माना जाना चाहिए.
परिसीमन विधेयक पर कांग्रेस से बातचीत की कोशिश
रिजिजू ने चिट्ठी में परिसीमन से जुड़े संशोधन विधेयक पर भी बात की. उन्होंने कहा कि सरकार इस मुद्दे पर कांग्रेस का समर्थन हासिल करने के लिए कई बार बातचीत की कोशिश कर चुकी है.
रिजिजू के मुताबिक, सरकार ने कांग्रेस को इन तारीखों पर पत्र लिखे थे:
16 मार्च 2026
26 मार्च 2026
12 अप्रैल 2026
उन्होंने कहा कि मानसून सत्र के दौरान राहुल गांधी समेत कांग्रेस के नेताओं से भी इस मुद्दे पर बातचीत की गई थी. उनका आरोप है कि सरकार की ओर से आगे बातचीत के लिए समय मांगे जाने के बावजूद कांग्रेस ने चर्चा के लिए तारीख नहीं बताई. इसके बाद सरकार ने दूसरे राजनीतिक दलों से भी बातचीत शुरू की.
सरकार ने किन पार्टियों से बात की? परिसीमन से जुड़े मुद्दे पर सरकार ने इन राजनीतिक दलों से बातचीत की है: डीएमके समाजवादी पार्टी वाईएसआर कांग्रेस पार्टी एनसीपी शिवसेना एआईएम आईएम बीजेडी रिजिजू ने कहा कि सरकार सभी दलों के बीच सहमति बनाने की कोशिश कर रही है. उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से संसद के कामकाज में सहयोग करने की अपील की. साथ ही, रिजिजू ने ‘कांग्रेस से जरूरी विधेयकों को पारित कराने में सहयोग करने और संसद के कामकाज में बाधा नहीं डालने की अपील की’.











