
भीलवाड़ा में निकला संघ का ‘त्रिवेणी संगम पथ संचलन’, अंबेडकर चौराहे पर तीन धाराएं मिलीं, जगह-जगह हुई पुष्पवर्षा
संघ के शताब्दी वर्ष और विजयादशमी पर अनुशासन का विराट प्रदर्शन, तीन मार्गों से निकले स्वयंसेवकों का रेलवे स्टेशन क्षेत्र में हुआ ऐतिहासिक संगम
शाहपुरा (भीलवाड़ा)-राजेन्द्र खटीक।
भीलवाड़ा।राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष एवं विजयादशमी उत्सव के अवसर पर मंगलवार को भीलवाड़ा महानगर में आयोजित ‘त्रिवेणी संगम पथ संचलन’ आकर्षण का केंद्र रहा। महानगर के सात नगरों के स्वयंसेवक तीन अलग-अलग स्थानों से पूर्ण गणवेश में अनुशासित कदमताल करते हुए निकले। तीनों संचलनों का अंबेडकर चौराहा एवं रेलवे स्टेशन क्षेत्र में ऐतिहासिक संगम हुआ। इस दौरान स्वयंसेवकों की अनुशासित पंक्तियों, एकरूपता और संगठनात्मक समन्वय का विराट दृश्य देखने को मिला। शहर में जगह-जगह नागरिकों ने पुष्पवर्षा कर स्वयंसेवकों का स्वागत किया।
तीन स्थानों से शुरू हुआ संचलन
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार पहला संचलन कृषि उपज मंडी से, दूसरा हरि सेवा धाम से तथा तीसरा राजेंद्र मार्ग विद्यालय से प्रारंभ हुआ। तीनों संचलनों में महानगर के सात नगरों के स्वयंसेवक शामिल हुए। स्वयंसेवक निर्धारित मार्गों से होते हुए अंबेडकर चौराहा एवं रेलवे स्टेशन क्षेत्र पहुंचे, जहां तीनों संचलनों का संगम हुआ। अलग-अलग दिशाओं से आए स्वयंसेवकों के एक साथ मिलने का दृश्य आयोजन का प्रमुख आकर्षण रहा।
10.21 बजे हुआ त्रिवेणी संगम
कार्यक्रम की निर्धारित समय-सारणी के अनुसार सुबह 10 बजकर 21 मिनट पर अंबेडकर चौराहा-रेलवे स्टेशन क्षेत्र में तीनों संचलनों का संगम हुआ। इसके बाद सुबह 10 बजकर 26 मिनट पर गोल प्याऊ चौराहे से तीनों संचलन अलग-अलग मार्गों पर आगे बढ़े। मार्गों पर स्वयंसेवकों की लंबी और अनुशासित कतारों ने आयोजन को विशेष स्वरूप दिया। भीमगंज थाना से एमजी हॉस्पिटल के मुख्य द्वार के बीच तीनों संचलनों की क्रमबद्ध आवाजाही से स्वयंसेवकों का विशाल समूह एक साथ संचलन करता दिखाई दिया।
शहर में जगह-जगह पुष्पवर्षा से स्वागत
त्रिवेणी संगम पथ संचलन के दौरान शहर के विभिन्न मार्गों पर नागरिकों ने पुष्पवर्षा कर स्वयंसेवकों का अभिनंदन किया। प्रमुख चौराहों और बाजारों से गुजरते संचलन को देखने के लिए लोग मार्गों के किनारे एकत्रित हुए। पुष्पवर्षा और स्वागत के बीच स्वयंसेवक अनुशासित कदमताल करते हुए आगे बढ़ते रहे। आयोजन के दौरान शताब्दी वर्ष को लेकर उत्साह का माहौल दिखाई दिया।
कई प्रमुख मार्गों से गुजरे स्वयंसेवक
तीनों संचलनों ने अपने निर्धारित मार्गों से शहर के प्रमुख चौराहों, बाजारों और धार्मिक स्थलों के आसपास से गुजरते हुए संचलन किया। इनमें सरकारी दरवाजा, गोल प्याऊ चौराहा, एमजी हॉस्पिटल, भीमगंज थाना, बड़ा मंदिर, बद्री विशाल मंदिर, शहीद चौक, झलकारी देवी चौराहा (सांगानेरी गेट), माली समाज नोहरा, ब्रज कोट के माताजी और माणिक्य नगर चौराहा सहित शहर के प्रमुख स्थल शामिल रहे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार संचलनों का समापन हरि सेवा धाम और राजेंद्र मार्ग विद्यालय में हुआ।
शताब्दी वर्ष की पूर्णाहुति का विशेष आयोजन
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का शताब्दी वर्ष संगठन की सौ वर्षों की यात्रा, सेवा, समर्पण और राष्ट्रभाव को स्मरण करने का अवसर है। इसी क्रम में आयोजित त्रिवेणी संगम पथ संचलन को संगठनात्मक एकात्मता, अनुशासन और समन्वय के विशेष प्रदर्शन के रूप में देखा गया। तीन अलग-अलग मार्गों से निकलकर एक स्थान पर संगम और फिर अलग-अलग मार्गों पर आगे बढ़ने की योजना आयोजन की विशिष्टता रही। संघ की ओर से समाजबंधुओं को इस आयोजन का साक्षी बनने के लिए आमंत्रित किया गया था। विजयादशमी पर आयोजित इस पथ संचलन ने भीलवाड़ा में शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों को विशेष पहचान दी।











