
अंबाजी शक्तिपीठ में रावण दहन के दौरान भारी पथराव, मची भगदड़; पुलिसकर्मी, गर्भवती महिला व बच्ची समेत कई घायल
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दैनिक शुभ भास्कर ब्यूरो, गुजरात अंबाजी: गुजरात के सुप्रसिद्ध और ५१ शक्तिपीठों में से एक अंबाजी मंदिर परिसर में आयोजित रावण दहन कार्यक्रम के दौरान उस समय हड़कंप मच गया जब अचानक अज्ञात असामाजिक तत्वों द्वारा भारी पथराव शुरू कर दिया गया। अधर्म पर धर्म की विजय के प्रतीक विजयादशमी उत्सव के दौरान हुई इस अचानक पत्थरबाजी से पूरे आयोजन स्थल पर अफरा-तफरी और भगदड़ मच गई। इस दुखद घटना में ड्यूटी पर तैनात एक पुलिसकर्मी एक गर्भवती महिला और एक मासूम बच्ची सहित कई श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। आरती के बाद जैसे ही लगी आग बरसने लगे पत्थर प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार अंबाजी मंदिर के पास मैदान में रावण दहन का भव्य कार्यक्रम चल रहा था। हजारों की संख्या में श्रद्धालु मां अंबा के दर्शन के बाद रावण दहन देखने के लिए एकत्रित हुए थे। रावण के पुतले की पारंपरिक पूजा और आरती के बाद जैसे ही उसमें आग लगाई गई अचानक भीड़ के पीछे से पथराव शुरू हो गया। बड़े-बड़े पत्थर आते देख लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे जिससे मैदान में भगदड़ की स्थिति पैदा हो गई।भगदड़ में दबे लोग अस्पताल में मची चीख-पुकार अचानक हुई इस पत्थरबाजी और भगदड़ में सुरक्षा व्यवस्था संभाल रहे एक पुलिस जवान के सिर पर गंभीर चोट आई है। वहीं, अपने परिवार के साथ त्योहार मनाने आई एक गर्भवती महिला और एक छोटी बच्ची भी पत्थरों व भगदड़ की चपेट में आने से लहुलुहान हो गईं। घटना के तुरंत बाद स्थानीय पुलिस और मंदिर ट्रस्ट के स्वयंसेवकों ने मोर्चा संभाला और घायलों को तुरंत नजदीकी सिविल अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों के अनुसार, सभी घायलों का इलाज जारी है और कुछ की हालत गंभीर बनी हुई है।*भारी पुलिस बल तैनात, आरोपियों की तलाश तेज *इस शर्मनाक घटना के बाद अंबाजी में माहौल तनावपूर्ण हो गया है। स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए जिले के उच्च पुलिस अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए हैं। पूरे इलाके में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है स्थानीय पुलिस प्रशासन का कहना है कि यह पथराव किसी गहरी साजिश का हिस्सा है या आपसी रंजिश का, इसकी जांच की जा रही है। आयोजन स्थल और आसपास लगे सीसीटीवी CCTV कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि पत्थरबाजों की पहचान की जा सके। पुलिस ने दावा किया है कि शांति भंग करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और जल्द ही आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।











