
दैनिक शुभ भास्कर
नई दिल्ली/यरुशलम,
इजरायल के स्वतंत्रता दिवस पर पीएम मोदी को विशेष आमंत्रण, वीर भारतीय पायलट के साथ जलाएंगे ‘मशाल’
दैनिक शुभ भास्कर सुनील कुमार मिश्रा बद्री नई दिल्ली इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने पीएम नरेंद्र मोदी को सीधे फोन मिलाकर दिया VIP आमंत्रण।
• कॉकपिट हमले में 174 यात्रियों की जान बचाने वाले भारतीय जांबाज कप्तान स्मित मच्छार के साथ मशाल प्रज्वलित करेंगे मोदी।• पीएम मोदी का बड़ा बयान— “जमीन हो या आसमान, भारत-इजरायल मिलकर लड़ेंगे आतंकवाद के खिलाफ।”
विशेष प्रतिनिधि
भारत और इजरायल के गहरे रणनीतिक और दोस्ताना रिश्तों में एक नया और ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया है। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फोन कर इजरायल के आगामी स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल होने के लिए एक बेहद खास और दुर्लभ निमंत्रण दिया है। इस समारोह के दौरान पीएम मोदी को एक जांबाज भारतीय पायलट, कैप्टन स्मित मच्छार के साथ मिलकर इजरायल की पारंपरिक आधिकारिक मशाल (टॉर्च) जलाने का गौरवशाली अवसर दिया गया है। प्रधान मंत्री नेतन्याहू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर इस बातचीत की जानकारी साझा करते हुए लिखा, “मैंने अपने मित्र, भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात की और उन्हें इजरायल के स्वतंत्रता दिवस पर एक वीर भारतीय पायलट के साथ मिलकर मशाल जलाने के लिए आमंत्रित किया है।”
कंधे से कंधा मिलाकर आतंकवाद का खात्मा: मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेतन्याहू के इस बेहद सम्मानजनक आमंत्रण के लिए दिल से आभार व्यक्त किया। फोन वार्ता के दौरान पीएम मोदी ने आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक लड़ाई पर भारत का कड़ा रुख साफ किया। उन्होंने कहा कि “चाहे जमीन हो या आसमान, भारत और इजरायल दोनों मिलकर हर मोर्चे पर आतंकवाद का मुकाबला कर रहे हैं।” इसके साथ ही पीएम मोदी ने दोनों देशों के दशकों पुराने मजबूत और रणनीतिक संबंधों की सराहना की। कौन हैं ‘ग्लोबल हीरो’ कैप्टन स्मित मच्छार?

इस खास निमंत्रण के पीछे एक बेहद रोमांचक और बहादुरी की कहानी जुड़ी है। फ्लाईदुबई फ्लाइट FZ1073 के भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार ने हवा में उड़ते विमान के कॉकपिट के भीतर अपने सह-पायलट द्वारा किए गए जानलेवा हमले का डटकर मुकाबला किया था। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन स्मित ने सूझबूझ दिखाई और कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाब रहे, जिससे विमान में सवार 174 यात्रियों की जान सुरक्षित बचाई जा सकी। इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कुछ ही दिन पहले कैप्टन स्मित को फोन कर उन्हें इजरायल, भारत और पूरी दुनिया का ‘सच्चा हीरो’ बताया था और तभी यह इच्छा जाहिर की थी कि वे पीएम मोदी के साथ इजरायल आकर यह सम्मान स्वीकार करें। विदेश मंत्रालय ने जारी किया बयान, पश्चिम एशिया के हालातों पर भी चर्चा भारतीय विदेश मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, दोनों शीर्ष नेताओं ने भारत-इजरायल के बीच लगातार बढ़ रही ‘विशेष रणनीतिक साझेदारी’ Special Strategic Partnership की समीक्षा की और इसे और मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई। इसके साथ ही, दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया मिडिल ईस्ट के मौजूदा हालातों और सुरक्षा चुनौतियों पर भी गंभीर विचार-विमर्श किया। प्रधानमंत्री मोदी ने क्षेत्र में जल्द से जल्द शांति और स्थिरता बहाल करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए दोहराया कि इस संकट का समाधान केवल ‘बातचीत और कूटनीति’ Dialogue and Diplomacy के रास्ते से ही निकाला जा सकता है। दोनों नेताओं ने आगे भी एक-दूसरे के निरंतर संपर्क में रहने पर सहमति जताई है। क्या है इजरायल का मशाल प्रज्वलन समारोह? इजरायल के स्वतंत्रता दिवस समारोह योम हा’अत्जमाउत के अवसर पर यरुशलम के माउंट हर्जल पर पारंपरिक रूप से 12 मशालें जलाई जाती हैं, जो इजरायल की प्राचीन जनजातियों का प्रतीक हैं। यह सर्वोच्च नागरिक सम्मान देश या मानवता के लिए असाधारण कार्य करने वाले चुनिंदा लोगों को ही दिया जाता है। किसी गैर-इजरायली नागरिक को, और वो भी भारत के प्रधानमंत्री और एक जांबाज नागरिक पायलट को एक साथ यह सम्मान मिलना, वैश्विक पटल पर भारत के बढ़ते कद और मजबूत कूटनीति की एक अनूठी मिसाल है।











