
अनुपयोगी सामग्री से उपयोगी शिक्षण सामग्री बनाने की प्रतियोगिता आयोजित, अवंतिका माल ने मारी बाजी।
डाइट बसवा में 40 विद्यार्थियों ने दिखाई सृजनात्मकता, राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में लेंगे भाग।
नागपाल शर्मा माचाड़ी की रिपोर्ट
(माचाडीअलवर):-बसवा- राजगढ़ के समीपवर्ती बसवा गांव में राजस्थान राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (आरएससीईआरटी) एवं स्टरलाइट एडइंडिया फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट), बसवा में डीएलएड प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों के लिए ‘अनुपयोगी सामग्री से उपयोगी शिक्षण-अधिगम सामग्री निर्माण प्रतियोगिता’ आयोजित की गई। प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य भावी शिक्षकों में सृजनात्मकता,नवाचार, पर्यावरण संरक्षण तथा प्रभावी शिक्षण कौशल को बढ़ावा देना रहा।
प्रतियोगिता में डाइट के 40 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विद्यार्थियों ने कागज,गत्ते,प्लास्टिक की बोतलों सहित अन्य अनुपयोगी एवं पुनः उपयोग योग्य सामग्रियों से विभिन्न विषयों पर आधारित आकर्षक शिक्षण-अधिगम सामग्री (टीएलएम) तैयार की। प्रतिभागियों ने अपनी रचनात्मकता का परिचय देते हुए प्रदर्शित किया कि सीमित संसाधनों के माध्यम से भी शिक्षण प्रक्रिया को सरल, रोचक,सहभागितापूर्ण और प्रभावी बनाया जा सकता है।
नवाचारपूर्ण शिक्षण पद्धतियां अपनाना जरूरी
कार्यक्रम में डाइट बसवा के प्राचार्य इंद्रेश तिवाड़ी ने विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि भावी शिक्षकों के लिए विषय ज्ञान के साथ-साथ नवाचारपूर्ण शिक्षण पद्धतियों को अपनाना भी आवश्यक है। इस प्रकार की प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों की सृजनात्मक क्षमताओं को विकसित करने, उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करने और कक्षा-कक्ष में शिक्षण को अधिक रोचक एवं प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण तथा अनुपयोगी सामग्री के पुनः उपयोग की भावना को शिक्षण प्रक्रिया का अभिन्न अंग बनाने पर भी जोर दिया।
इस अवसर पर स्टरलाइट एडइंडिया फाउंडेशन की ओर से सुश्री नेहा कुमारी उपस्थित रहीं। उन्होंने विद्यार्थियों द्वारा तैयार की गई शिक्षण-अधिगम सामग्री का अवलोकन किया।
निर्णायक मंडल ने किया मूल्यांकन
प्रतियोगिता का मूल्यांकन प्रभारी व्याख्याता संतोष कुमार मीना, वरिष्ठ व्याख्याता एसडी उपाध्याय, मुकेश कुमार शर्मा एवं श्रीमती कृष्णा मीना के निर्णायक मंडल ने किया। निर्णायकों ने सामग्री की शैक्षणिक उपयोगिता, सृजनात्मकता, नवाचार, विषयवस्तु की स्पष्टता तथा कक्षा-कक्ष में उसके व्यावहारिक उपयोग की संभावनाओं के आधार पर प्रतिभागियों का मूल्यांकन किया।
प्रतियोगिता में अवंतिका माल ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। उनके रचनात्मक प्रयास एवं उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना की गई। डाइट स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली प्रतिभागी आगामी राज्य स्तरीय शिक्षण-अधिगम सामग्री निर्माण प्रतियोगिता में भाग लेंगी। राज्य स्तर पर उन्हें अपनी तैयार सामग्री की शैक्षणिक उपयोगिता और कक्षा-कक्ष में उसके प्रभावी प्रयोग का प्रदर्शन करने का अवसर मिलेगा।
यह प्रतियोगिता भावी शिक्षकों में ‘अनुपयोगी से उपयोगी’ की सोच विकसित करने, पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी बढ़ाने तथा अनुभवात्मक एवं गतिविधि आधारित शिक्षण को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। इससे शिक्षक-प्रशिक्षण को अधिक व्यावहारिक, नवाचारपूर्ण और विद्यार्थी-केंद्रित बनाने में मदद मिलेगी।
कार्यक्रम में डाइट बसवा के प्रशासनिक अधिकारी रामप्रसाद जाट, अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी जितेन्द्र कुमार मिश्रा, निजी सहायक आलोक मीना, सहायक प्रशासनिक अधिकारी रामकिशोर सैनी, कनिष्ठ सहायक कमलेश मीना, अशोक सैनी, हनी गोपालिया सहित संस्थान के समस्त स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे।











