राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्तंभ पूजन और ध्वजारोहण कर कुंभ की विधिवत शुरुआत की – दैनिक शुभ भास्कर
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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्तंभ पूजन और ध्वजारोहण कर कुंभ की विधिवत शुरुआत की

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आस्था का महासंगम: नासिक-त्र्यंबकेश्वर में सिंहस्थ कुंभ मेला शुरू, 21 महीनों तक रहेगी धर्म की धूम

दैनिक शुभ भास्कर श्रीमती हंसा महाराष्ट्र नासिक/त्र्यंबकेश्वर: के पावन धाम नासिक और त्र्यंबकेश्वर में आस्था, श्रद्धा और सनातन संस्कृति के सबसे बड़े समागम नासिक-त्र्यंबकेश्वर सिंहस्थ कुंभ मेले की भव्य शुरुआत शनिवार 31 अक्टूबर 2026 से हो चुकी है। 12 वर्षों में एक बार आयोजित होने वाला यह दिव्य मेला इस बार ऐतिहासिक रूप से बेहद खास है, क्योंकि यह अगले 21 महीनों तक अनवरत चलेगा और 24 जुलाई 2028 को इसका समापन होगा। देश-विदेशी साधु-संतों, नागा संन्यासी और करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए यह महापर्व अलौकिक अनुभव लेकर आया है।ध्वजारोहण के साथ औपचारिक शुरुआत कुंभ मेले का आधिकारिक शंखनाद नासिक के पावन रामकुंड, पंचवटी और त्र्यंबकेश्वर के कुशावर्त तीर्थ पर पारंपरिक ध्वजारोहण समारोह के साथ हुआ। इस पावन अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्तंभ पूजन और ध्वजारोहण कर कुंभ की विधिवत शुरुआत की। इसके बाद राष्ट्रपति ने अखाड़ों के साधु-महंतों से मुलाकात की और रामकुंड में गोदावरी माता की महाआरती में भाग लिया। इससे पूर्व, शुक्रवार को तपोवन मैदान से लेकर रामकुंड तक एक भव्य ‘महाध्वज ग्राम परिक्रमा’ निकाली गई थी, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा।आखिर क्यों 21 महीनों का है यह कुंभ?

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ज्योतिषीय गणना के अनुसार, जब देवगुरु बृहस्पति सिंह राशि में प्रवेश करते हैं, तब सिंहस्थ कुंभ का आयोजन होता है। आमतौर पर कुंभ मेला कुछ महीनों का होता है, लेकिन इस बार ग्रहों-नक्षत्रों के विशेष महासंयोग और गणना के चलते यह ऐतिहासिक आयोजन लगभग 21 महीनों तक चलेगा। श्रद्धालुओं को इतने लंबे समय तक गोदावरी के पावन तट पर पुण्य अर्जित करने का अवसर मिलेगा। त्र्यंबकेश्वर में इस मेले का समापन 27 फरवरी 2028 को होगा, जबकि नासिक के रामकुंड में ध्वज उतारने के साथ 24 जुलाई 2028 को यह महापर्व संपन्न होगा।प्रौद्योगिकी-सक्षम डिजिटल कुंभ AI से प्रबंधन इस बार के सिंहस्थ कुंभ को ‘प्रौद्योगिकी-सक्षम कुंभ’ का रूप दिया गया है। देश के इतिहास में पहली बार इतने बड़े धार्मिक आयोजन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस AI और आधुनिक तकनीकी उपकरणों का उपयोग किया जा रहा है। भीड़ प्रबंधन सुरक्षा व्यवस्था और आगंतुकों के डिजिटल अनुभव को सुगम बनाने के लिए प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद है। अनुमान है कि इस पूरे आयोजन के दौरान करीब 12 करोड़ से अधिक श्रद्धालु नासिक पहुंचेंगे।11 साल बाद खुला श्री गंगा गोदावरी मंदिर

इस कुंभ का एक और बड़ा संयोग यह रहा कि नासिक के रामकुंड स्थित प्राचीन श्री गंगा गोदावरी मंदिर पूरे 11 वर्षों के अंतराल के बाद शनिवार को खोला गया। कुंभ मेले की शुरुआत के साथ ही इस मंदिर के कपाट खुलना श्रद्धालुओं के लिए बेहद हर्ष और भक्ति का विषय बना हुआ है।नोट कर लें ‘अमृत स्नान’ शाही स्नान की प्रमुख तिथियां:

मेले के दौरान कुल 3 प्रमुख अमृत स्नान और 80 कुंभ पर्व स्नान होंगे। मुख्य शाही स्नान अगले वर्ष 2027 अगस्त और सितंबर के महीनों में होंगे:पहला अमृत स्नान: 2 अगस्त 2027 आषाढ़ सोमवती अमावस्या दूसरा अमृत स्नान: 31 अगस्त 2027 श्रावण अमावस्या तीसरा अमृत स्नान: 11 सितंबर 2027 नासिक में वैष्णव अखाड़ों के लिए – भाद्रपद एकादशी तथा 12 सितंबर 2027 त्र्यंबकेश्वर में शैव अखाड़ों के लिएब्यूरो रिपोर्ट, दैनिक शुभ भास्कर

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गुरुवार, 05 नवंबर 2026

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