
गौ पुत्र धर्मदास महाराज ने दाऊजी मंदिर के संस्थापक स्वामी सततेनंद महाराज की कुशलक्षेम जानी।
माचाडी- बृजवासी गौरक्षक सेना भारत संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष गौ पुत्र संत धर्मदास महाराज ने ब्रजवासी धाम श्री दाऊजी महाराज मंदिर के संस्थापक स्वामी सततेनंद महाराज का करीब दस दिन पूर्व सड़क दुर्घटना में घायल होने के बाद गौ पुत्र धर्म दास महाराज ने उनके निवास पर पहुंचकर कुशलक्षेम जानी और शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। जानकारी के अनुसार,स्वामी सततेनंद महाराज के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद पांच दिनों तक मंदिर में श्री दाऊजी महाराज की नियमित सेवा में कठिनाई आई। इस दौरान स्वामी जी के शिष्य संत जयराम नंद महाराज ने ब्रजवासी गौ रक्षक सेना भारत संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष गौ पुत्र धर्म दास महाराज से मंदिर की सेवा संभालने का आग्रह किया। गौ पुत्र धर्मदास महाराज ने तत्काल श्री दाऊजी महाराज की सेवा का दायित्व ठाकुर शेर सिंह धाकरे और उनके पुत्र बंटी सिंह धाकरे से अपने हाथों में लिया। इसके बाद से वे चौबीसों घंटे मंदिर में भगवान की सेवा में तत्पर हैं।
सोमवार, ०2 नवंबर को सुबह 10 बजे गौ पुत्र धर्मदास महाराज ब्रजवासी धाम श्री दाऊजी महाराज मंदिर,सैंया, तहसील खेरागढ़, जिला आगरा से फिरोजाबाद के लिए रवाना हुए। दोपहर करीब एक बजे वे मिल्लीक गांव पहुंचे,जहां स्वामी सततेनंद महाराज अपने निवास पर बिस्तर पर विश्राम कर रहे थे। इस दौरान गौ पुत्र धर्मदास महाराज और गौ पुत्र रघुनाथ सिंह धाकरे ने स्वामी जी के चरण वंदन कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। दोनों संतों के बीच काफी देर तक आध्यात्मिक चर्चा भी हुई। इसके बाद गौ पुत्र धर्मदास महाराज ने स्वामी जी से विदा ली और शाम पांच बजे श्री दाऊजी महाराज मंदिर पहुंच गए। संतों के मिलन और सेवा भावना को दर्शाती यह मुलाकात श्रद्धा,समर्पण और मानवीय संवेदना का प्रतीक बनी। संत वाणी: “संत मिलन को चलिए, तज माया अभिमान। त्यों-त्यों पग आगे बढ़े, कोटि-कोटि यज्ञ समान।”











