
पुश्तैनी जमीन पर कथित कब्जे का आरोप, पीड़ित ने लगाई डीएम से न्याय की गुहार
राजस्व अभिलेखों में जमीन दर्ज होने का दावा, विरोध करने पर गाली-गलौज, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का आरोप
दैनिक शुभ भास्कर सुरज सिंह उत्तर प्रदेश बुंदेलखंड ललितपुर। जमीनों पर अवैध कब्जे के विवाद एक बार फिर प्रशासनिक व्यवस्था के सामने सवाल खड़े कर रहे हैं। जनपद के तालाबपुरा क्षेत्र में मां शारदा मंदिर के पास रहने वाले चन्द्रकेतु सहारिया ने अपनी पुश्तैनी जमीन पर कथित अवैध कब्जे का गंभीर आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी के दरबार में न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ित ने शिकायती प्रार्थना पत्र सौंपकर जमीन को कब्जामुक्त कराने और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है शिकायतकर्ता चन्द्रकेतु सहारिया के मुताबिक, उनके पिता स्वर्गीय नवल किशोर सहारिया के नाम पर संबंधित जमीन राजस्व अभिलेखों में दर्ज है। जमीन का नक्शा भी सरकारी अभिलेखों में मौजूद होने का दावा किया गया है। इसके बावजूद देवेंद्र लोधी और उनके परिजनों पर उक्त जमीन पर जबरन कब्जा करने का आरोप लगाया गया है पीड़ित का आरोप है कि जब भी वह अपनी जमीन से कथित कब्जा हटाने की बात करते हैं या इसका विरोध करते हैं, तो उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट की जाती है। इतना ही नहीं, उन्हें जान से मारने तक की धमकियां दी जाती हैं। ऐसे हालात में शिकायतकर्ता ने अपनी सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई है पुलिस चौकी तक पहुंचा मामला, फिर भी कार्रवाई का इंतजार चन्द्रकेतु का कहना है कि इस मामले की शिकायत पहले गोविंद सागर पुलिस चौकी में भी की जा चुकी है। उनके अनुसार, मौके पर पहुंची पुलिस की जांच के दौरान जमीन पर कब्जे की बात कथित तौर पर स्वीकार की गई थी, लेकिन इसके बावजूद अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। पीड़ित का आरोप है कि कार्रवाई नहीं होने से कथित कब्जाधारियों के हौसले बुलंद हैं और विवादित जमीन पर उनका कब्जा बरकरार है शिकायत में जमीन पर कब्जे के साथ-साथ आसपास गंदगी फैलाए जाने का मुद्दा भी उठाया गया हैअब डीएम के हस्तक्षेप पर टिकी पीड़ित की उम्मीद सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब शिकायतकर्ता राजस्व अभिलेखों और जमीन के नक्शे को अपने दावे का आधार बता रहा है, तो अब तक मामले का निष्पक्ष राजस्व परीक्षण और प्रभावी समाधान क्यों नहीं हो सका? क्या संबंधित विभाग मौके का सीमांकन कराकर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करेगा? क्या पीड़ित को उसकी जमीन पर अधिकार दिलाया जाएगा फिलहाल शिकायतकर्ता ने जिलाधिकारी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, राजस्व विभाग से जमीन की पैमाइश, कथित अवैध कब्जा हटवाने तथा धमकी और मारपीट के आरोपों की जांच कराकर उचित कानूनी कार्रवाई किए जाने की मांग की है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस शिकायत पर कितनी गंभीरता दिखाता है और पीड़ित को न्याय कब तक मिल पाता है।











