लखर-दूषण वध, सीता हरण और बाली वध की लीला का आकर्षक मंचन हुआ – दैनिक शुभ भास्कर
Responsive Menu

Download App from

Download App

Follow us on

Donate Us

लखर-दूषण वध, सीता हरण और बाली वध की लीला का आकर्षक मंचन हुआ

Author Image
Written by
shubh-bhaskar Report

लखर-दूषण वध, सीता हरण और बाली वध की लीला का आकर्षक मंचन हुआ

दैनिक शुभ भास्कर सुरज सिंह उत्तर प्रदेश ललितपुर कस्बे के श्री हनुमान जी टौरिया मंदिर मेला मैदान में चल रही रामलीला के सातवें दिन सोमवार की रात कलाकारों ने खर-दूषण वध, सीता हरण, राम-सुग्रीव मित्रता और बाली वध की लीला का आकर्षक मंचन किया। सोमवार की रात मंचन में शूर्पणखा द्वारा अपने नाक-कान काटे जाने की सूचना खर-दूषण को दी गई। इससे क्रोधित होकर खर-दूषण सेना सहित पंचवटी पहुंचे और भगवान राम से युद्ध किया। युद्ध में भगवान राम ने खर-दूषण का वध कर दिया।अपमानित शूर्पणखा ने अपने नाक-कान काटे जाने और खर-दूषण वध की सूचना लंका पहुंचकर अपने भाई रावण को दी। क्रोधित रावण ने मामा मारीच को स्वर्ण मृग बनने को कहा और स्वयं साधु का वेष धारण कर पंचवटी पहुंचकर छल से सीता का हरण कर लंका ले गया  सीता की खोज में भगवान राम शबरी के आश्रम पहुंचे। वहां उन्होंने शबरी को नवधा भक्ति का उपदेश दिया। वहां से पंपासर की ओर प्रस्थान किया, जहां हनुमान जी से भेंट हुई। हनुमान जी ने राम की मित्रता सुग्रीव से कराई और राम ने बाली का वध किया।   बाली ने मरते समय भगवान राम से कहा – _”मैं बैरी और सुग्रीव प्यारा हो गया, क्या कारण था जो आपने मुझे मारा?”_ इस पर भगवान राम ने कहा – _”छोटे भाई की पत्नी, बहन और पुत्र की पत्नी को जो बुरी नजर से देखता है, उसका वध करने में कोई पाप नहीं है।”_ इस भावपूर्ण मंचन को देखकर दर्शक भाव-विभोर हो उठे। सातवें दिन की लीला में थाना अध्यक्ष बार सुधाकर पांडेय बतौर अतिथि उपस्थित हुए।अभिनय :राम- पार्थ गोस्वामी, लक्ष्मण -नयन बुन्देला, सीता- अभिनव झां, हनुमान – भान सिंह, बाली – भाई जी, सुग्रीव – वंश राजा, सम्पाति – जय सिंह, कालनेमि – नारायण सिंह, खर – आर्यन राजा, दूषण – अनुज राजा, शबरी – सोने जू।

Advertisement Box

आज का राशिफल

वोट करें

भारत-पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम के बाद कांग्रेस ने संसद का विशेष सत्र बुलाने की मांग की है। क्या सरकार को इस पर विचार करना चाहिए?

Advertisement Box

गुरुवार, 05 नवंबर 2026

आज का सुविचार

धैर्य एक ऐसी सवारी है जो अपने सवार को कभी गिरने नहीं देती, न किसी के कदमों में और न किसी की नजरों में। कठिन समय में धैर्य ही आपका सबसे बड़ा मित्र साबित होता है।

Advertisement Box

और भी पढ़ें

पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी मोहित अग्रवाल एवं जिलाधिकारी वाराणसी सत्येन्द्र कुमार द्वारा माँ अन्नपूर्णा मंदिर की सुरक्षा एवं व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों को दिए आवश्यक दिशा-निर्देश

✕
[news_reels]
WhatsApp