
ग्राम पंचायत मौखुन्दा में पदभार ग्रहण को लेकर लगाए जा रहे भ्रामक आरोपों के संबंध में स्पष्टीकरण
रायपुर-ग्राम पंचायत मौखुन्दा, पंचायत समिति रायपुर (भीलवाड़ा)
कुछ लोगों द्वारा सोशल मीडिया और शिकायत के माध्यम से यह भ्रामक प्रचार किया जा रहा है कि दिनांक 4 नवंबर 2026 को नवनिर्वाचित सरपंच मुकेश कुमार सोनी के पदभार ग्रहण के दौरान पूर्व महिला सरपंच इन्द्रा देवी रेगर का अपमान किया गया और पंचायत भवन का शुद्धिकरण किया गया। यह आरोप पूर्णतः असत्य, निराधार और राजनीतिक द्वेष से प्रेरित है।
वास्तविकता इस प्रकार है:
1. हवन – शुद्धिकरण नहीं, शुभारंभ है: भारतीय संस्कृति में किसी भी नए कार्य की शुरुआत से पहले हवन-पूजन करना एक सामान्य परंपरा है। पंचायत भवन में करवाया गया हवन किसी व्यक्ति विशेष या जाति के विरुद्ध नहीं, बल्कि नए कार्यकाल के मंगलमय शुभारंभ और गांव की सुख-समृद्धि के लिए था। इसे ‘गोमूत्र-गंगाजल से शुद्धिकरण’ जैसा नाम देकर जातिगत रंग देना गलत है।
2. कुर्सी बदलने का सत्य: पूर्व सरपंच द्वारा उपयोग की जा रही कुर्सी काफी पुरानी और टूटने की अवस्था में थी। पंचायत भवन के लिए नई कुर्सियां व फर्नीचर खरीदने का प्रस्ताव पहले से ही पास था। इसे किसी महिला या दलित समाज के अपमान से जोड़ना दुर्भावनापूर्ण है। ग्राम वासियों का कहना है कि पूर्व सरपंच इन्द्रा देवी जी का हृदय से सम्मान करते उन्होंने अपने कार्यकाल में गांव की सेवा की है।
3. ग्राम विकास अधिकारी और सरपंच पर लगाए आरोप असत्य: हम भारत के संविधान में और बाबा साहब द्वारा दी गई समानता की भावना में पूर्ण आस्था रखते हैं। हम सभी ग्रामवासी, सभी जाति-समाज के लोग मिलजुल कर ग्राम पंचायत मौखुन्दा के विकास के लिए अग्रसर हैं।
निवेदक:
समस्त सम्मानित ग्रामवासी एवं पूर्व सरपंच, ग्राम पंचायत मौखुन्दा
इन्द्रा देवी रेगर।











