
जिसका कोई सहारा नहीं, उसका सहारा बने संत रामपाल जी महाराज
छुर का खेड़ा, में जरूरतमंद परिवार को मिली राहत, अन्नपूर्णा मुहिम के तहत राशन किट देकर बढ़ाया मदद का हाथ
मांडलगढ़। मानव सेवा और परोपकार की भावना को साकार करते हुए संत रामपाल जी महाराज द्वारा संचालित अन्नपूर्णा मुहिम के तहत मांडलगढ़ तहसील के गांव छुर का खेड़ा में आर्थिक तंगी से जूझ रहे एक जरूरतमंद परिवार की सहायता की गई। जानकारी के अनुसार, परिवार में कोई कमाने वाला सदस्य नहीं होने के कारण परिवार के सामने रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना भी मुश्किल हो रहा था 3 बच्चों के माता-पिता इस संसार में नहीं रहे वह है वे अपनी दादी के साथ जीवन व्यतीत कर रहे हैं। आर्थिक स्थिति इतनी कमजोर थी कि दो वक्त के भोजन की व्यवस्था करना भी चुनौती बन गया था। ऐसे कठिन समय में अन्नपूर्णा मुहिम के तहत संत रामपाल जी के सेवादारों ने परिवार तक सहायता पहुंचाई। मुहिम के तहत परिवार को राशन की पूरी किट उपलब्ध करवाई गई, जिससे उन्हें काफ़ी राहत मिली और परिवार के चेहरों पर उम्मीद की किरण दिखाई दी। इस पहल के माध्यम से जरूरतमंदों की सेवा, मानवता और सामाजिक सहयोग का संदेश दिया गया। बेसहारा और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की मदद के लिए आगे आना समाज में सकारात्मक बदलाव की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। दिनांक 6/11/2026 को इस परिवार को अन्नपूर्णा मुहीम के तहत तीसरी बार लगातार सहायता संत रामपाल जी महाराज जी की द्वारा से मिली। संदेश: संत रामपाल जी महाराज का नारा है – रोटी, कपड़ा, शिक्षा, चिकित्सा और मकान, हर जरूरतमंद को दे रहे कबीर भगवान।











