
इस्लामिक आतंकवादी दुनिया के लिए खतरा
दैनिक शुभ भास्कर सुनील कुमार मिश्रा हमम अल-हम्मामी यह कथित कबूलनामा ऐसे समय में सामने आया है जब खबरें हैं कि अल-हम्ममी को पिछले साल ओमान की नेशनल एयरलाइन से उसकी चरमपंथी सोच के कारण हटा दिया गया था। CNN की रिपोर्ट के मुताबिक, बाद में उसके नाम वाले सोशल मीडिया अकाउंट्स पर इज़राइली विमानों के कॉकपिट वीडियो और अल-कायदा के लोगों के वीडियो पोस्ट किए गए थे। इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने पहले कहा था कि माना जा रहा है कि को-पायलट “इस्लामिक कट्टरपंथी विचारधारा” से प्रभावित था।30 सितंबर को फ्लाईदुबई की फ्लाइट 1073 में 170 से ज़्यादा यात्री सवार थे, जिनमें से ज़्यादातर इज़राइली थे। फ्लाइट के लैंड करने से एक घंटे से भी कम समय पहले अल-हम्ममी ने कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला कर दिया। फ्लाइट-ट्रैकिंग डेटा से पता चला कि विमान कुछ ही सेकंड में 17,000 फीट से ज़्यादा नीचे गिर गया।
फ्लाइट के कैप्टन मच्छार ने को पायलट के हमले का मुकाबला किया और कॉकपिट का दरवाज़ा खोलने में कामयाब रहे, जिससे यात्री देख पाए कि क्या हो रहा है और वे दखल दे सके। यात्रियों ने अल-हम्मामी को काबू करने में मदद की, जबकि फ़्लाइट में मौजूद ऑफ़-ड्यूटी पायलटों ने फ़्लाइट का कंट्रोल अपने हाथ में ले लिया और इस तरह एक भयानक क्रैश को टाल दिया। इज़राइली मीडिया ने यह भी बताया कि अल-हममामी ने जुलाई में हमला करने के बारे में सोचा था, लेकिन आखिरी समय में उसने अपना प्लान छोड़ दिया क्योंकि वह क्रू के एक सदस्य का दोस्त था।











