
कैप्टन स्मित मच्छार के सम्मान में अमेरिका के हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में प्रस्ताव
दैनिक शुभ भास्कर सुनील कुमार मिश्रा बद्री विदेश
अमेरिका सदन में पेश हुआ कैप्टन स्मित मच्छार के सम्मान में प्रस्ताव, असाधारण साहस के लिए की गई तारीफ
अमेरिकी सदन में पेश हुआ कैप्टन स्मित मच्छार के सम्मान में प्रस्ताव, असाधारण साहस के लिए की गई तारीफ
अपनी बहादुरी से विमान में 174 लोगों की जान बचाने वाले भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार के सम्मान में अमेरिका के हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में प्रस्ताव पेश किया गया है। इस प्रस्ताव में उनके असाधारण साहस के की तारीफ की गई है।
अमेरिकी सदन में कैप्टन स्मित के सम्मान में प्रस्ताव।
संयुक्त अरब अमीरात के दुबई से इजरायल के तेल-अवीव जा रहे विमान में अपनी बहादुरी से लोगों की जान बचाने वाले भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की चर्चा और तारीफ पूरी दुनिया में हो रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी कैप्टन स्मित की तारीफ की थी और उन्हें हीरो कहा था। अब अमेरिका के हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में कैप्टन स्मित मच्छार के सम्मान में एक प्रस्ताव पेश किया है। इस प्रस्ताव को जोश गॉटहाइमर, डॉन बेकन और माइकल मैककॉल ने पेश किया है। आइए जानते हैं कि इस प्रस्ताव में क्या बाते कही गई हैं।प्रस्ताव नें क्या कहा गया?
अमेरिकी सदन में पेश प्रस्ताव में कहा गया है- “30 सितंबर, 2026 को फ्लाईदुबई की उड़ान 1073 ने दुबई से तेल अवीव, इजरायल के बेन गुरियन एयरपोर्ट के लिए उड़ान भरी थी। इस विमान में करीब 174 यात्री सवार थे। यात्रियों में से अधिकतर इजरायली के नागरिक थे। इसके साथ ही यात्रियों में 4 अमेरिकी नागरिक और 27 बच्चे भी शामिल थे। उड़ान के बीच में ही विमान के को-पायलट ने विमान की इमरजेंसी क्रैश कुल्हाड़ी से कैप्टन स्मित पर हमला किया और फ्लाइट कंट्रोल पर कब्जा करने की कोशिश की। इस दौरान विमान 30 सेकंड से भी कम समय में 14,000 फीट से ज्यादा नीचे आ गया। भारत के नागरिक कैप्टन स्मित मच्छर ने इस हमले का मुकाबला किया और बुरी तरह से घायल होने के बावजूद अपनी बची-खुची ताकत का इस्तेमाल किया और कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया ताकि ऑफ-ड्यूटी पायलट अंदर आ सकें और विमान को लैंड करा सकें, और क्रू और यात्री को-पायलट को काबू में कर सकें।” बता दें कि ओमानी को-पायलट हमम अल-हम्मामी ने जांचकर्ताओं को बताया है कि उसने यह हमला गाज़ा का बदला लेने के लिए किया था।











