काशी में एस आइआर पर मंथन, कहा – ‘मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने देश को बचा लिया’ – दैनिक शुभ भास्कर
Responsive Menu

Download App from

Download App

Follow us on

Donate Us

काशी में एस आइआर पर मंथन, कहा – ‘मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने देश को बचा लिया’

Author Image
Written by
shubh-bhaskar Report

काशी में एस आइआर पर मंथन, कहा – ‘मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने देश को बचा लिया’

फर्जी वोटर्स पर लगाम, चुनाव आयोग के फैसले का समर्थन।

Advertisement Box

दैनिक शुभ भास्कर सुनील कुमार मिश्रा बद्री उत्तर प्रदेश काशी वाराणसी। चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूची के पुनरीक्षण के प्रति जागरूकता उत्पन्न करने की दृष्टि से विशाल भारत संस्थान की ओर से सुभाष भवन लमही में एसआई आर पर कार्यशाला का आयोजन किया। कार्यशाला का शुभारम्भ विशाल भारत संस्थान के प्रदेश अध्यक्ष नौशाद अहमद दूबे ने नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीपोज्वलन करके किया विशाल भारत संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राजीव श्री गुरुजी ने कहा कि पहले बीएलओ घर वालों के कहने पर सदस्यों के नाम लिख देता था, कोई जांच पड़ताल नहीं करता था। बहुत लोग जो शहर के बाहर रहते थे या मर चुके थे उनका भी वोटरलिस्ट में नाम हो जाता था। जब चुनाव आयोग ने फैसला किया कि तीन पीढ़ी से वोट कहा पड़ रहा है वहां का बूथ नम्बर बताओ तब इन फर्जी वोटर्स की पोल खुल गयी चुनाव आयोग ने ऐसे सभी नामों को काट दिया। इसी कारण से विपक्षी और काक्रोच सरकार को घेरना चाहते हैं। एस आई आर का मुद्दा देश को बचाने वाला है, इसलिए एस आईआर से समझौता करना देश के हितों एवं सुरक्षा की दृष्टि से अनिवार्य है। कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए नौशाद दूबे ने कहा कि फर्जी वोट बनवाकर जीतना कांग्रेस की पुरानी बीमारी है, बस चुनाव आयोग ने इसी बीमारी का इलाज कर दिया, इसी से तड़प रहे हैं एस आईआर को देश के हर हिस्से में लागू करें ताकि घुसपैठियों और रोहिंग्या वोटर नहीं बन पाए

आज का राशिफल

वोट करें

आमिर की अगली फिल्म 'सितारे जमीन पर' का ट्रेलर हाल ही में रिलीज हुआ। क्या यह फिल्म आमिर को बॉक्स ऑफिस पर सफलता दिला पाएगी?

Advertisement Box

रविवार, 08 नवंबर 2026

आज का सुविचार

समय, विश्वास और सम्मान, ये ऐसे पक्षी हैं जो एक बार उड़ जाएं तो वापस नहीं आते। इसलिए इनकी कीमत समझें और इन्हें कभी न खोएं, क्योंकि इन्हें दोबारा हासिल करना लगभग असंभव होता है।

Advertisement Box

और भी पढ़ें

✕
[news_reels]
WhatsApp