कॉकरोच जनता पार्टी’ विदेशी धन और देश विरोधी गतिविधियों के आरोपों का पूरा सच – दैनिक शुभ भास्कर
Responsive Menu

Download App from

Download App

Follow us on

Donate Us

कॉकरोच जनता पार्टी’ विदेशी धन और देश विरोधी गतिविधियों के आरोपों का पूरा सच

Author Image
Written by
shubh-bhaskar Report

कॉकरोच जनता पार्टी’ विदेशी धन और देश विरोधी गतिविधियों के आरोपों का पूरा सच

दैनिक शुभ भास्कर सुनील कुमार मिश्रा बद्री नई दिल्ली कथाकथित कॉकरोच जनता पार्टी विदेशी फंडिंग का मामला सामने आया है कई लोगों ने विदेशी पेंडिंग का आरोप लगाया है राष्ट्र विधि विरोधी गतिविधियां करने के लिए विदेशी फंडिंग हो रही है इस बार विवाद प्रदर्शनों को लेकर नहीं, बल्कि इस आंदोलन को मिलने वाले कथित विदेशी धन और इसके पीछे छिपी कथित ‘देश विरोधी’ ताकतों को लेकर है। सोशल मीडिया से लेकर अंतरराष्ट्रीय मंचों तक इस फंडिंग को लेकर गंभीर आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।
अमेरिकी गायिका मैरी मिलबेन के गंभीर आरोप
सीजेपी की फंडिंग पर सबसे ताज़ा और बड़ा हमला अमेरिकी गायिका और अभिनेत्री मैरी मिलबेन ने किया है, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुखर समर्थक मानी जाती हैं।
* आरोप: मैरी मिलबेन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पूर्व में ट्विटर पर दावा किया कि सीजेपी को अमेरिका के उन चुनिंदा दानदाताओं से फंडिंग मिल रही है, जो पीएम मोदी और उनके नेतृत्व के धुर विरोधी हैं।

Advertisement Box

वैश्विक पैटर्न का दावा: मिलबेन ने आरोप लगाया कि रूढ़िवादी और मजबूत वैश्विक नेताओं को निशाना बनाने के लिए अमेरिका में एक तय पैटर्न के तहत ऐसे आंदोलनों को खड़ा किया जाता है। उन्होंने भारत के युवा देशभक्तों से अपील की है कि वे सीजेपी की इस विघटनकारी भावना के खिलाफ शांतिपूर्ण तरीके से लामबंद हों।
सोशल मीडिया पर ‘टूलकिट’ और ‘टूलकिट के आरोप
दक्षिणपंथी विचारकों, एबीवीपी ABVP जैसे छात्र संगठनों और सोशल मीडिया यूजर्स के एक बड़े वर्ग का आरोप है कि यह आंदोलन पूरी तरह से ‘टूलकिट’ आधारित है।
तकनीकी और वित्तीय संदेह: आलोचकों का तर्क है कि मात्र कुछ ही दिनों में 22 मिलियन से अधिक इंस्टाग्राम फॉलोअर्स हासिल करना, देशव्यापी एआई मीडिया किट्स तैयार करना, एक प्रोफेशनल एंथम और राज्य-वार बड़े पैमाने पर वालंटियर नेटवर्क खड़ा करना किसी साधारण छात्र आंदोलन के बस की बात नहीं है।
विदेशी ताकतों का हाथ: सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि इस आंदोलन को भारत में अशांति और अराजकता फैलाने के लिए

जॉर्ज सोरोस के पारिस्थितिकी तंत्र या विदेशी बॉट नेटवर्क्स पाकिस्तान, बांग्लादेश आदि देशों के आईपी एड्रेस के माध्यम से डिजिटल हवा दी जा रही है ताकि भारत की लोकतांत्रिक साख को नुकसान पहुँचा या जा सके। ऐसे आंदोलन को शक्ति से केंद्र सरकार और राज्य सरकारों को कुचल देना चाहिए इस देश में राष्ट्र विरोधी गतिविधियां चलाने के लिए जगह नहीं रहनी चाहिए

आज का राशिफल

वोट करें

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एपल प्रमुख टिम कुक से आईफोन का निर्माण भारत में न करने को कहा है। क्या इसका असर देश के स्मार्टफोन उद्योग पर पड़ सकता है?

Advertisement Box

रविवार, 08 नवंबर 2026

आज का सुविचार

समय, विश्वास और सम्मान, ये ऐसे पक्षी हैं जो एक बार उड़ जाएं तो वापस नहीं आते। इसलिए इनकी कीमत समझें और इन्हें कभी न खोएं, क्योंकि इन्हें दोबारा हासिल करना लगभग असंभव होता है।

Advertisement Box

और भी पढ़ें

✕
[news_reels]
WhatsApp