
अंडा कोई मांस नहीं है, यह तो मुर्गी का फल है
लालू यादव
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‘सपने में आए भगवान शिव, कहा मांस-मछली छोड़ दो’
दैनिक शुभ भास्कर बिहार पटना: राष्ट्रीय जनता दल RJD के सुप्रीमो और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव अपनी अनूठी राजनीतिक शैली के साथ-साथ अपने खान-पान और दिलचस्प बयानों के लिए भी जाने जाते हैं। मांसाहार, खासकर मछली-चावल के शौकीन रहे लालू यादव के जीवन से जुड़ा एक बेहद दिलचस्प वाकया साल 2001 का है, जब वे जेल जाने के बाद अचानक शुद्ध शाकाहारी बन गए थे। उस समय उन्होंने दावा किया था कि स्वयं भगवान शिव ने उनके सपने में आकर उन्हें मांसाहार छोड़ने का निर्देश दिया था। *सपने में आए ‘भोलेनाथ’, बदला लालू का दिल* साल 2001 में जब चारा घोटाला मामले में लालू प्रसाद यादव को जेल जाना पड़ा था, तब जेल की सलाखों के पीछे उनकी दिनचर्या और खान-पान में बड़ा बदलाव देखने को मिला। खुद लालू यादव ने तब यह खुलासा किया था कि भगवान भोलेनाथ ने उनके सपने में दर्शन दिए थे लालू के मुताबिक, सपने में भगवान शिव ने उनसे कहा था, “अब मांस-मछली खाना छोड़ दो, तुम्हारा कोई कुछ नहीं बिगाड़ पाएगा।” भगवान के इस ‘आदेश’ के बाद लालू यादव ने तुरंत मांसाहार से तौबा कर ली और पूरी तरह शाकाहारी भोजन अपनाने का फैसला किया। अंडे को ‘फल’ बताकर दोबारा शुरू किया सेवन*

हालांकि, लालू प्रसाद यादव का यह शाकाहार का संकल्प लंबे समय तक पूरी तरह से टिक नहीं सका। कुछ समय बाद उन्होंने अपनी डाइट में दोबारा अंडा शामिल कर लिया। जब मीडिया और राजनीतिक गलियारों में उनसे पूछा गया कि भगवान शिव के कहने पर मांसाहार छोड़ने के बाद उन्होंने फिर से अंडा खाना क्यों शुरू कर दिया, तो लालू यादव ने अपने चिरपरिचित मजाकिया अंदाज में जवाब दिया था।

उन्होंने तर्क दिया कि “अंडा कोई मांस नहीं, बल्कि एक फल है।” इसके साथ ही उन्होंने यह भी स्वीकार किया था कि वे अपनी जीभ पर ज्यादा दिन नियंत्रण नहीं रख पाते, इसलिए उन्होंने भगवान भोलेनाथ से माफी मांगकर दोबारा इसका सेवन शुरू कर दिया था ज्योतिषीय सलाह की भी थी चर्चा इस पूरे घटनाक्रम के पीछे सिर्फ धार्मिक सपना ही नहीं, बल्कि ज्योतिषीय कारण भी बताए जाते हैं। राजनीतिक हलकों में चर्चा थी कि आरजेडी के तत्कालीन प्रवक्ता और ज्योतिषी शंकर चरण त्रिपाठी ने लालू यादव को ग्रहों की शांति और राजनीतिक संकट से उबरने के लिए मांसाहार से दूर रहने का ज्योतिषीय परामर्श दिया था।

शाकाहार में क्या पसंद करते हैं लालू मांसाहार में बहते पानी या सोन नदी की मछली पसंद करने वाले लालू यादव शाकाहारी भोजन में बेहद सादा खाना पसंद करते हैं। जेल के दौरान और उसके बाद भी वे सादे भोजन में दही का मठ्ठा, लिट्टी-चोखा, चना-मकई का सत्तू और खिचड़ी बड़े चाव से खाते दिखे हैं। राजनीति के गलियारों में लालू यादव का यह ‘शिव स्वप्न’ और शाकाहारी बनने का किस्सा आज भी बिहार की सियासत में बेहद दिलचस्पी के साथ याद किया जाता है।











