
महाकाल मंदिर में नियमों का हवाला देकर अखाड़ा परिषद अध्यक्ष से बदतमीजी, महंत रवींद्र पूरी की दोटूक चेतावनी
दैनिक शुभ भास्कर उज्जैन। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रवींद्र पूरी बाबा महाकाल के दर्शन करने उज्जैन पहुँचे थे। दर्शन के दौरान मंदिर परिसर में उस समय भारी हंगामा खड़ा हो गया जब तैनात कुछ कर्मचारियों ने नियमों का हवाला देते हुए उनके साथ कथित तौर पर अभद्रता और बदतमीजी की। इस घटना से नाराज अखाड़ा परिषद अध्यक्ष ने मंदिर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर तीखा रोष व्यक्त किया है। महाराज जी कि झोली चैक करने कि कोशिश मंदिर में प्रवेश करने दौरान कर्मचारियों ने महाराज जी की झोली चेक करने का प्रयास किया और कहा कि इसमें कोई ऐसी वस्तु या मोबाइल तो नहीं है। इसको लेकर भी मंदिर प्रशासन के रवैए व मनवानी पर सवाल खड़े होना लाजमी है। महंत रवींद्र पूरी ने आरोप लगाया कि महाकाल मंदिर में तैनात कुछ कर्मचारियों को संतों और सनातन संस्कृति से हमेशा से परेशानी रही है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि महाकाल बाबा किसी एक शहर की सीमा के मोहताज नहीं हैं, बल्कि पूरी दुनिया के आस्था के केंद्र हैं। दर्शन व्यवस्था के नाम पर नियमों की आड़ लेकर संतों और आम श्रद्धालुओं के साथ मनमानी करना और दुर्व्यवहार करना कतई सहन नहीं किया जाएगा।
अपनी बात रखते हुए उन्होंने उत्तराखंड के मनसा देवी मंदिर का उदाहरण दिया जहाँ वे खुद अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभालते हैं और रोजाना लाखों भक्त पहुँचते हैं। उन्होंने कहा कि वहाँ यदि कोई भी यात्री किसी कर्मचारी की शिकायत करता है, तो तुरंत कड़ी कार्रवाई की जाती है, लेकिन उज्जैन में मंदिर स्टॉफ को संतों के प्रति मनमाने रवैये की खुली छूट मिली हुई है। प्रशासन को अल्टीमेटम देते हुए उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस मामले में तुरंत ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो इस मनमानी को भोपाल से लेकर दिल्ली तक जोर-शोर से उठाया जाएगा। आने वाले समय में यहाँ महाकुंभ का भव्य आयोजन होना है जिसमें देश-दुनिया से करोड़ों श्रद्धालु शामिल होने आएंगे। ऐसे में यदि मंदिर कर्मचारियों का रवैया ऐसा ही अभद्र रहा, तो इससे पूरे धार्मिक स्थल और व्यवस्था की बड़ी फजीहत होगी। महंत ने मांग की है कि नियमों की आड़ में बदतमीजी करने वाले उस विशेष कर्मचारी को तुरंत पद से हटाया जाए ताकि भविष्य में किसी भी संत या श्रद्धालु के साथ ऐसी घटना की पुनरावृत्ति न हो।











