
प्लास्टिक का बढ़ता इस्तेमाल स्वास्थ्य के लिए खतरे की घंटी, महिलाओं ने प्लास्टिक का उपयोग नहीं करने की ली शप
गंगापुर। दैनिक जीवन में तेजी से बढ़ता सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग मानव स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए गंभीर चिंता का विषय बनता जा रहा है। इसी को लेकर राजस्थान नगरीय आधारभूत विकास परियोजना (आरयूआईडीपी) की सामुदायिक जागरूकता एवं जन सहभागिता इकाई (कैप) की ओर से गुरुवार को वार्ड नंबर 17 के ढोली मोहल्ला कुंड चौक पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। ब्रिक्स सतत जीवनशैली सप्ताह कार्ययोजना की थीम ‘एक सप्ताह, सात कार्य, एक ग्रह’ के तहत आयोजित कार्यक्रम में कैप प्रतिनिधि रेखा खटीक ने महिलाओं को सिंगल यूज प्लास्टिक से होने वाले स्वास्थ्य एवं पर्यावरण संबंधी नुकसान की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्लास्टिक के डिस्पोजेबल कप, प्लेट, स्ट्रॉ, पानी की बोतलें और पॉलीथिन का अत्यधिक उपयोग स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है। प्लास्टिक के बर्तनों में गर्म भोजन एवं पेय पदार्थ रखने से हानिकारक रासायनिक तत्व भोजन में पहुंचने की आशंका रहती है। वहीं प्लास्टिक कचरे को खुले में जलाने से निकलने वाला जहरीला धुआं वायु प्रदूषण बढ़ाने के साथ सांस संबंधी बीमारियों का खतरा भी बढ़ाता है। महिलाओं को प्लास्टिक के विकल्प अपनाने के लिए प्रेरित करते हुए उन्होंने कहा कि डिस्पोजेबल कप-प्लेट की जगह स्टील एवं कांच के बर्तनों तथा पॉलीथिन की जगह कपड़े के थैलों का उपयोग करना चाहिए। प्लास्टिक कचरे को खुले में नहीं जलाना चाहिए और सिंगल यूज प्लास्टिक के इस्तेमाल को धीरे-धीरे पूरी तरह बंद करने का प्रयास करना चाहिए।कार्यक्रम के अंत में उपस्थित महिलाओं ने सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग नहीं करने, पॉलीथिन के स्थान पर कपड़े के थैले अपनाने तथा अन्य लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करने की शपथ ली। कार्यक्रम के माध्यम से महिलाओं ने संदेश दिया कि प्लास्टिक हटाओ, पर्यावरण बचाओ और स्वस्थ समाज के निर्माण में अपनी भागीदारी निभाओ।











