
चुनाव हारने वाली पार्टिया वोट चोरी का झूठा आरोप लगा रही देश के खिलाफ साजिश कर रही है
सुप्रीम कोर्ट सेना चुनाव आयोग सीबीआई ईडी पुलिस मीडिया संस्थानों
पर हमले किए जा रहे हैं
दैनिक शुभ भास्कर सुनील कुमार मिश्रा बद्री जिस तरह से कांग्रेस और विपक्षी पार्टियों हमारे देश के संस्थानों पर हमला कर रही है बदनाम कर रही है सरकार को एक उच्च आयोग गठित करके सब की जांच करनी चाहिए और इन पर रोक लगाना चाहिए
केरल कांग्रेस ने चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत के बारे में एक बहुत ही आपत्तिजनक पोस्ट लिखी और इसे डिलीट कर लिया गया है इसमें क्या लिखा है डियर सूर्यकांत पहले तो भाषा देखिए डियर सूर्यकांत अगर आप लॉ एंड ऑर्डर कानून व्यवस्था को ठीक नहीं कर सकते तो अभी इस्तीफा दे दो और हम आपका रिप्लेसमेंट ढूंढ लेंगे आपकी जगह किसी ऐसे व्यक्ति को बिठाएंगे जो इसे हैंडल कर सकता है सबसे पहली बात तो यह है कि मैं इससे पहले कभी भी किसी को सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को लेकर इस तरह की भाषा इस्तेमाल करते हुए नहीं देखा उनके नाम के साथ किस तरह उन्हें संबोधित करते हुए नहीं देखा डियर सूर्य का इस्तीफा दे दो वरना हम तुम्हारी जगह किसी और को नियुक्त कर देंगे

यह ताकत कांग्रेस पार्टी को किसने दी है कि वह भारत के सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश यह कहे कि आप इस्तीफा दे दो राहुल गांधी कैसे सुप्रीम कोर्ट का अगला मुख्य न्यायाधीश कौन होगा वह भी तय कर दें अभी तक यह सब कुछ लोकतंत्र के नाम पर हो रहा यह बहुत खतरनाक शुरुआत है और आज आपको यह बात ध्यान से देखनी होगी अभी तक यह सब कुछ जो हो रहा था यह लोकतंत्र के नाम पर हो रहा था संविधान को बचाने के नाम पर हो रहा था और हमने भी कभी आपसे इसके बारे में कुछ नहीं कहा क्योंकि लोकतंत्र में सभी को प्रोटेक्ट करने का पूरा अधिकार है सबको अपनी आवाज उठाने का अपनी राय लोगों के सामने रखने का पूरा अधिकार है लेकिन आज मैं आपको यह बताना चाहता हूं कि आज जो कुछ हुआ है वह देश के लिए बहुत खतरनाक है यह समय अब देश एक बहुत ही मुश्किल दौर से गुजर रहा है और यह जो ताकत है जो इस तरह की बातें लिख रही है

यह लोग यह नेता यह पार्टियों यह सत्ता में आने के लिए इतने बेचैन है कि अब जो भी उनके रास्ते में आएगा जो भी इनके खिलाफ बात करेगा उसे यह कुचलते हुए आगे बढ़ जाएंगे इसलिए आज आप सबको इसे बहुत गंभीरता से लेना होगा यह ट्वीट किया उसके बाद इसे डिलीट भी कर दिया मैं यह मानता हूं कि डिलीट कर दिया लेकिन इससे आपको उनकी मंशा समझ में आ जाएगी यह बात यहीं पर खत्म नहीं होगी यह बहुत खतरनाक शुरुआत अभी हो चुकी है असल में केरल कांग्रेस जो कर रही है यह राहुल गांधी का ही बड़ा पुराना फॉर्मूला है राहुल गांधी भारत में संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाते हैं फिर विदेश में जाकर भी यही काम करते हैं भारत को बदनाम करते हैं जहां चुनाव हार जाते हैं वहां चुनाव आयोग को बदनाम करते हैं भारत की संस्थाओं को बदनाम करते हैं विदेशों में बैठकर भारत के लोकतंत्र को बदनाम करते हैं कहते हैं कि भारत में किसी को कोई आजादी नहीं है और अब ऐसा लगता है कि यह विरोध करने वाले लड़ाई अब सिर्फ चुनाव आयोग तक नहीं है बल्कि हमारे देश की सभी संवैधानिक संस्थाओं को अब यह सब लोग एक-एक करके बदनाम कर रहे हैं उनकी विश्वसनीयता को खत्म करेंगे और फिर अगर वह रास्ते में आए तो उन्हें अपने रास्ते से हटा हमारे देश की जो दो बड़ी संस्थाएं हैं चुनाव आयोग और सुप्रीम कोर्ट इन दोनों को आपस में लड़ा दिया जाए एक के खिलाफ दूसरे का इस्तेमाल किया जाए हमारे देश के लोकतंत्र के जो भी बड़े मजबूत स्तंभ है यह नेता सत्ता में आने के लिए उन सबको नष्ट कर देना चाहते हैं दूसरे देशों में भी अगर देखे तो इसी तरह से इस किया जा रहा है पहले वहां के जो प्रदर्शनकारी है वहां के जो विपक्ष के नेता है वह अपनी खुद की संवैधानिक संस्थाओं को नष्ट करने की कोशिश करते हैं वह कहते हैं हम नहीं मानेंगे ना चुनाव मानेंगे ना अपने देश की पार्लियामेंट को मानेंगे ना सुप्रीम कोर्ट को मानेंगे ना सेना को मानेंगे ना पुलिस को मानेंगे और आप सोचिए हमारे देश में भी बिल्कुल यही है सारे लोग एक-एक करके हमारे सारे संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम कर रहे हैं
यह सीबीआई को बदनाम कर चुके हैं ईडी को बदनाम कर चुके हैं चुनाव आयोग को बदनाम कर चुके हैं सुप्रीम कोर्ट जैसी संस्थाओं पर अब सवाल उठने लगे हैं जब युद्ध होता है तो सेना पर सवाल उठाते हैं और अब यह पुलिस वालों पर सवाल उठा रहे हैं अब पुलिस वालों को वर्दी वाला गुंडा कह रहे हैं तो आप इस बहुत बड़ी साजिश को आप समझिए जब किसी देश को अस्थिर करना होता है तो यह देखना होता है सबसे पहले की इस देश की स्थिरता किन स्तंभों पर टिकी हुई है हम दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश हमारा सबसे बड़ा स्तंभ है हमारे चुनाव दुनिया के सबसे बड़े चुनाव हमारे देश में होते हैं आज तक कभी किसी ने सवाल नहीं उठाया हमारे देश के चुनाव पर और यही हमारी सबसे बड़ी मजबूती है पूरी दुनिया हमारी इसीलिए इज्जत करती है तो सबसे पहले चुनाव आयोग को बदनाम किया जाए यह बताया जाए कि यहां के दो जो चुनाव है उन्हें में बेईमानी है उन्हें में मिलावट है ताकि हमारा लोकतंत्र समाप्त हो जाए फिर चुनाव आयोग को कमजोर करो इसके बाद सुप्रीम कोर्ट पर सवाल उठाओ फिर हमारे देश की आंतरिक सुरक्षा करने वाली पुलिस पर सवाल उठाओ उन्हें वर्दी वाला गुंडा कहो लोगों को ऐसी-ऐसी रेल दिखाओ जिससे यह पुलिस वाले असल में हमारे देश के दुश्मन है लोगों को दिखाओ जिसमें आपको यह लगे कि हमारी सेना असल में हमारी रक्षा नहीं कर पा रही इन रेल के जरिए आपके दिमाग में एक जहर भर जा रहा है आपको यह बताया जा रहा है कि इस देश में कुछ काम नहीं कर रहा इस देश की जो पूरी व्यवस्था है वह चरमरा चुकी है क्योंकि हमारे देश के जो नेता हैं इन्हें सत्ता में आने की इतनी जल्दबाजी है

इच्छा इनकी तीव्र है कि अभी हर एक व्यक्ति को जो उनके सामने आना चाहता है जो उन्हें रोकना चाहता है जो उन्हें कहना चाहता है कि भाई धीरे-धीरे चलो उसे यह कुचल देना चाहते हैं मीडिया आता है तो कहते हैं यह मोदी मीडिया है सुप्रीम कोर्ट अगर उनकी बात मानने से इनकार करता है तो कहते हैं सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस को हटा दो चुनाव आयोग अगर बात नहीं मानता तो कहते हैं कि चुनाव में घोटाला हो रहा है है हमारी राय नहीं है लेकिन क्या आप यह कल्पना कर सकते हैं कि भारत के चीफ जस्टिस सूर्यकांत का इस्तीफा बगैर किसी प्लानिंग के कांग्रेस पार्टी का ही एक विंग ऐसे ही मांग लेगा बीजेपी ने कहा है कि राहुल गांधी इस समय भारत के संविधान के लिए सबसे बड़ा खतरा बन चुके हैं कांग्रेस पार्टी के बारे में अपना यह स्टेटमेंट दिया है और मैं आज आपसे फिर से कहना चाहता हूं अभी तक तो यह सब प्रोटेस्ट जैसा दिख रहा था अभी तक तो यह सब नॉर्मल जैसा दिख रहा था लेकिन अब ऐसा लगता है कि एक बहुत बड़ी साजिश है दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत में हमारे कर जो सबसे मजबूत स्तंभ है उन्हें एक-एक करके तोड़ा जा रहा है नष्ट किया जा रहा है हमारा उसमें से एक स्तंभ है हमारी चुनावी व्यस्त व्यवस्था चुनाव व्यवस्था यह दुनिया का सबसे बड़ा चुनाव करती है तो सबसे पहले राहुल गांधी ने और इन तमाम लोगों ने हमारी चुनाव की व्यवस्था को ही बदनाम कर दिया आज सुप्रीम कोर्ट हमारा मीडिया हमारे देश के मीडिया को पहले ही मोदी मीडिया कहकर बदनाम कर दिया गया है आप सब को बता दिया गया है कि हमारे देश में तो मीडिया कोई काम ही नहीं कर रहा असल में मीडिया को दो हिस्सों में बांट दिया गया है जो इन जैसे नेताओं के मन की बात करता है जो इनका पूरा समर्थन करता है जो इसे कोई सवाल नहीं पूछता उन्हें असली मीडिया मानते हैं और जो मीडिया इसे सवाल पूछता है उसे यह मोदी मीडिया कह देते हैं

बड़े अखबार हैं बड़े न्यूज़ चैनल हैं सबको बदनाम कर दो यह कोशिश करो कि हमारे देश के लोग हमारे देश के मीडिया पर विश्वास करना बंद कर दें क्योंकि तभी तो इनका काम आसान होगा क्योंकि अगर मीडिया सही बात भी दिखाएगी तो इस देश के लोग विश्वास नहीं करेंगे पर विश्वास करेंगे इनके युटयुबर्स पर जो उनके हाथों बिके हुए हैं उन पर विश्वास करेंगे और यह एक बिल्कुल एक प्लानिंग के तहत हो रहा है कि मीडिया को हटा दो युटयुबर्स को ले आओ और यूट्यूब पर हमारे हैं हम पैसा देकर उनसे कुछ भी करवा सकते हैं बदनाम कर दो जो भी हमारे रास्ते में आता है उसे बदनाम करके रास्ते से हटा दो फिर हमारी सेना जब भी युद्ध काल में जाती है हमेशा हमारी सेना से सवाल होते हैं चाहे वह किसी आतंकवादी के साथ सेना की कोई मुठभेड़ हो सेना से सवाल होता है हम सर्जिकल स्ट्राइक करते हैं हम ऑपरेशन सिंदूर करते हैं हमारी अपनी सेना से सवाल होते हैं और फिर हमारे देश की आंतरिक सुरक्षा को देखने वाले सुरक्षा बल और हमारे देश की पुलिस उसे भी अब बदनाम कर दो कहो कि यह वर्दी वाले गुंडे हैं यानी हमारे देश में आंतरिक रूप से जो हमें सुरक्षा दे रही है पुलिस उसे भी बदनाम करो जो हमारे देश की रक्षा कर रही है सी उसे भी बदनाम करो जो हमारे देश में न्याय देने वाली संस्था है सुप्रीम कोर्ट उसे बदनाम करो चुनाव कराने वाली संस्था है उसे बदनाम करो और देश के सामने एक ऐसी छवि प्रस्तुत करो कि अब इस देश में कोई व्यवस्था काम नहीं कर रही ना पुलिस ना सेना सुप्रीम कोर्ट ना चुनावी व्यवस्था चुनाव आयोग सीबीआई ईडी कुछ काम नहीं कर रहा और अगर इनमें से कोई भी संस्था आपके खिलाफ कोई कार्रवाई करें तो आप उसे मानने से इनकार कर दो इसका मतलब आप समझते हैं इसका मतलब है कि हमारे देश में बगावत हो जाए हमारे देश का जो समाज है वह टूटकर अपने ही देश के खिलाफ लड़ाई करना शुरू कर दे और यह सब कुछ सिर्फ इसलिए क्योंकि एक व्यक्ति के मन में प्रधानमंत्री बनने की इच्छा है कांग्रेस ने कुछ समय पहले हमारे सेना अध्यक्ष को गली का गुंडा कहा था सेना से सवाल किए थे और अब यही लोग दिल्ली पुलिस को वर्दी वाला गुंडा कह रहे हैं
इसलिए आज आपसे कहना चाहते हैं की साजिश को समझने की कोशिश कीजिए यह सब कुछ तकाफ नहीं बहुत बड़ी अंतरराष्ट्रीय साजिश है कहीं और से चल रही है और इसी वजह से एक-एक करके भारत संवैधानिक संस्थाओं पर हमले किए जा रहे हैं भारत के वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे ने लंदन से ही आरोप लगाया है कि उन्हें इस बात का यकीन है

कि इस प्रोटेस्ट के पीछे कोई ना कोई विदेशी हाथ है जो इन्हें पैसा भी दे रही है और समर्थन भी दे रही है कोई व्यवस्था काम नहीं कर रही ना पुलिस नौसेना सुप्रीम कोर्ट ना चुनावी व्यवस्था चुनाव आयोग सीबीआई ईडी कुछ काम नहीं कर रहा और अगर इनमें से कोई भी सस्ता कोई कार्रवाई करें तो आप उसे मान्य से इनकार कर दो इसका मतलब आप समझते हैं इसका मतलब है कि हमारे देश में एक बगावत हो जाए हमारे देश का जो समाज है वह टूटकर अपने ही देश के खिलाफ लड़ाई करना शुरू कर दे और यह सब कुछ सिर्फ इसलिए क्योंकि एक व्यक्ति के मन में प्रधानमंत्री बनने की परीक्षा है कांग्रेस ने कुछ समय पहले हमारे सी अध्यक्ष को गली का गुंडा कहा था सी से सवाल किए थे और अब यही लोग दिल्ली पुलिस को वर्दी वाला गुंडा कह रहे हैं इसलिए आज आपसे कहना चाहते हैं की साजिश को समझने की कोशिश कीजिए यह सब कुछ इत्तेफाक नहीं है यह सब कुछ ऐसे ही अचानक आपके साथ नहीं हो रहा इसके पीछे कोई बड़ी ताकत है और ऐसा लगता है कि भारत को कमजोर करने की एक बहुत बड़ी अंतरराष्ट्रीय साजिश कहीं और से चल रही है और इसी वजह से एक-एक करके भारत की तमाम संवैधानिक संस्थाओं पर हमले किए जा रहे हैं भारत के वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे ने लंदन से ही आरोप लगाया है कि उन्हें इस बात का यकीन है कि इस प्रोटेस्ट के पीछे कोई ना कोई विदेशी हाथ है जो इन्हें पैसा भी दे रही है और समर्थन भी दे रही है और यह बाहर के देश खास करके अमेरिका के बारे मेंइस पूरे क्षेत्र में नेपाल में क्या हो चुका है आप देख चुके हैं इसके पीछे बहुत बड़ी ताकत कोई रही होगी जिसने पूरे नेपाल को अस्थिर कर दिया बांग्लादेश को पूरी तरह से स्थिर कर दिया यह भी आप देख चुके हैं श्रीलंका में यह सब हो चुका है यह भी आप देख चुके हैं पाकिस्तान उनके हाथों पहले ही बिक चुका है इसे पाकिस्तान में सब नहीं हो रहा क्योंकि पाकिस्तान तो पहले ही उनकी जेब में है तो पाकिस्तान बिक चुका है अब वह क्या चाहते हैं कि पाकिस्तान के बाद अब भारत का नंबर आना चाहिए भारत एक ऐसी बड़ी ताकत है जो अभी तक उनके काबू में नहीं आ रही दो ताकत ऐसी है जो अभी तक उनके काबू में नहीं आ रही थी नेपाल को नहीं छोड़ा बांग्लादेश को नहीं छोड़ा श्रीलंका को नहीं छोड़ा पाकिस्तान को अपनी जेब में डाल लिया और चीन उनके काबू में इसलिए नहीं आएगा क्योंकि चीन में सोशल मीडिया है ही नहीं चीन में विपक्षी पार्टियों है ही नहीं चीन में विदेशी कंपनियों को ऐसी एंट्री नहीं है चीन में आप जब चाहे जहां चाहे इस प्रकार का कोई प्रोटेस्ट कर ही नहीं सकते इसलिए चीन बचा हुआ है चीन में सोशल मीडिया पर आप इस तरह आज नहीं लगा सकते क्योंकि उन्होंने जितनी किताब बाहर की सोशल मीडिया कंपनियां है उन सबको बना कर रखा है इसलिए चीन बचा हुआ है और अब है भारत भारत मजबूत था अभी तक क्योंकि भारत की चुनावी व्यवस्था ऐसी थी जिस पर कोई शक नहीं कर सकता भारत की जो न्यायिक व्यवस्था है जहां सबको न्याय मिल रहा था जिस पर कोई शक नहीं कर सकता जो इंडिपेंडेंस है स्वतंत्र है भारत का जो पार्लियामेंट है वह स्वतंत्र रहा है भारत का मीडिया स्वतंत्र रहा है और जब-जब जरूरत पड़ी है भारत की मीडिया ने आवाज उठाई भारत की जितनी भी संस्थाएं हैं चाहे चुनाव आयोग चाहे वह सुप्रीम कोर्ट रहा हो अभी तक सब बिल्कुल ठीक काम कर रहे थे लेकिन जब तक आप इन्हें कमजोर नहीं करेंगे तब तक भारत कैसे कमजोर होगा और इसीलिए अब एक करके इन सबको कमजोर किया जा रहा है

ताकि इस देश का हाल भी वही हो जाए जो नेपाल का हुआ बांग्लादेश का हुआ श्रीलंका का हुआ जहां सोशल मीडिया पर युवाओं को भड़काया गया फिर सबसे पहले वहां शिक्षा या नौकरी जैसे मुद्दों पर युवा भड़कते हैं उन कॉलेजों से ही आग लगने शुरू होती है धीरे-धीरे यह प्रदर्शन हिंसक होते चले जाते हैं और इसके बाद यह मांग सरकार को हटाने की मांग में तब्दील हो जाती है और फिर वहां से सरकार को हटा दिया जाता है सरकार है जाती है और फिर वहां पर एक नई कमजोर सरकार आ जाती है वह सरकार जो उन विदेशी ताकतों की मनपसंद सरकार होती है और अब वही चाहते हैं यहां भी यही हो जाए इसलिए आज के बाद से अपना थोड़ा सा दिमाग चलाइए आज के बाद से थोड़ा सा देखिए अपने दिमाग को लगाकर की जो कुछ आपके पास हो रहा है क्या वह प्राकृतिक रूप से हो रहा है या फिर आपको ऐसा लगता है कुछ तो गड़बड़ है जरा इस हिसाब से अभिनय देखने शुरू कीजिए अपना एक फ़िल्टर लगाइए आपकी एक जो सिक्स्थ सेंस होती है उसे लगाइए कि क्या आपको यह सब कुछ ऐसा ही लग रहा है जैसे बहुत ही आराम से प्राकृतिक रूप से जो कुछ हो रहा है यह सब वैसा है या फिर देश के खिलाफ एक बहुत बड़ी साजिश है विदेशी फंडिंग की जांच होनी चाहिए सभी विपक्षी पार्टियों की सही जांच होनी चाहिए चुनाव हारने वाली पार्टियां लगातार देश के संस्थानों पर हमला कर रही











