
बेसहारा एवं मूक-बधिर बच्चों के साथ मनाई दीपावली, खुशियों के दीप जलाकर पेश की मानवता की मिसाल।
दैनिक शुभ भास्कर राजस्थान खुदनपुरी- अलवर जिले के खुदनपुरी में दीपावली के पावन पर्व पर रक्तवीर संगीता गौड़ ने बेसहारा एवं मूक-बधिर बच्चों के साथ खुशियां बांटकर सेवा,समर्पण और मानवता की अनूठी मिसाल पेश की। उन्होंने बच्चों के बीच पहुंचकर दीपावली का त्योहार बड़े ही हर्षोल्लास,प्रेम और आत्मीयता के साथ मनाया। इस अवसर पर लक्ष्मीकांत सोनी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान बच्चों को मिठाई,नए कपड़े,पटाखे एवं अन्य उपहार भेंट किए गए। उपहार पाकर बच्चों के चेहरों पर खिली मुस्कान और उनकी खुशियों ने दीपावली के उत्सव को यादगार बना दिया। पूरे आयोजन में प्रेम,अपनापन और खुशियों का माहौल देखने को मिला। रक्तवीर संगीता गौड़ ने कहा कि दीपावली केवल दीप जलाने और घरों को रोशन करने का त्योहार नहीं है, बल्कि समाज के उन जरूरतमंद और बेसहारा लोगों के जीवन में खुशियों का उजाला फैलाने का अवसर भी है,जिन्हें प्यार,सहयोग और अपनेपन की सबसे अधिक आवश्यकता है।
उन्होंने बताया कि वे समय-समय पर जरूरतमंद, बेसहारा एवं विशेष बच्चों के बीच पहुंचकर उनके साथ खुशियां साझा करती रहती हैं। बच्चों के चेहरे पर मुस्कान लाना और उन्हें अपनापन महसूस कराना ही उनके लिए सबसे बड़ा उपहार है। ऐसे बच्चों के साथ बिताए गए पल जीवन में सच्ची खुशी और आत्मिक संतुष्टि प्रदान करते हैं। इस अवसर पर उन्होंने संदेश दिया कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति को अपनी खुशियों में जरूरतमंदों को भी शामिल करना चाहिए। दीपावली का वास्तविक आनंद तभी है,जब हमारे साथ-साथ दूसरों के जीवन में भी खुशियों का प्रकाश पहुंचे। न दौलत से,न शोहरत से पहचान बनानी है, किसी के चेहरे पर मुस्कान लाकर जिंदगी सजानी है। दीप तो हर घर में जलते हैं दीपावली के दिन, हमें तो बेसहारों के जीवन में भी रोशनी लानी है। यह आयोजन प्रेम,करुणा, सेवा और मानवता का प्रेरणादायक संदेश दे गया। संगीता गौड़ की इस पहल ने साबित किया कि इंसानियत से बड़ा कोई धर्म नहीं और किसी के चेहरे पर मुस्कान लाने से बड़ा कोई उत्सव नहीं।











