
- दैनिक शुभ भास्कर — विशेष वैश्विक रिपोर्ट
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रणनीतिक बदलाव: पाकिस्तान, तुर्किये, कतर और इंडोनेशिया के बीच बड़ा रक्षा समझौता; मिलकर बनाएंगे आधुनिक हथियार
दैनिक शुभ भास्कर सुनील कुमार मिश्रा बद्री नई दिल्ली विश्व के लिए उभरता हुआ एक परमाणु नया खतरा इस्लामाबाद/अंकारा:
वैश्विक महाशक्तियों के बदलते समीकरणों के बीच मुस्लिम बहुल देशों ने रक्षा क्षेत्र में एक नया और आत्मनिर्भर मोर्चा खोल दिया है। पाकिस्तान, तुर्किये, कतर और इंडोनेशिया ने एक ऐतिहासिक और बड़े रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इस महा-गठबंधन के तहत चारों देश मिलकर न केवल तकनीक साझा करेंगे, बल्कि आधुनिक और घातक हथियारों का संयुक्त उत्पादन Joint Production भी करेंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान अब पश्चिमी देशों और पारंपरिक सहयोगियों पर निर्भरता कम करते हुए, मुस्लिम बहुल देशों के साथ अपनी रणनीतिक साझेदारी को तेजी से आगे बढ़ा रहा है।
समझौते की मुख्य बातें: क्यों अहम है यह गठबंधन? 
* आधुनिक हथियारों का निर्माण: इस समझौते का मुख्य उद्देश्य ड्रोन तकनीक, मिसाइल डिफेंस सिस्टम, अत्याधुनिक लड़ाकू विमान और नौसैनिक जहाजों का मिलकर निर्माण करना है।
* तुर्किये की तकनीकी ताकत और कतर का फंड: रक्षा विश्लेषकों के अनुसार, इस गुट में तुर्किये अपनी उन्नत सैन्य तकनीक और ड्रोन विशेषज्ञता देगा, कतर वित्तीय सहयोग फंडिंग की जिम्मेदारी संभालेगा, जबकि पाकिस्तान और इंडोनेशिया अपने विशाल सैन्य बुनियादी ढांचे और जनशक्ति का योगदान देंगे।
* रणनीतिक साझेदारी में तेजी: पाकिस्तान इस ब्लॉक के जरिए खुद को रक्षा उत्पादन के एक बड़े केंद्र के रूप में स्थापित करना चाहता है। यह कदम उसकी पुरानी रक्षा नीतियों में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
पश्चिमी देशों की चौकसी बढ़ी इस नए रक्षा गुट के उभरने से वैश्विक गलियारों, विशेषकर अमेरिका और यूरोपीय देशों में हलचल तेज हो गई है। नाटो NATO सदस्य होने के बावजूद तुर्किये का इस गुट का नेतृत्व करना और पाकिस्तान का परमाणु शक्ति संपन्न होना, इस गठबंधन को बेहद संवेदनशील और शक्तिशाली बनाता है।
विशेषज्ञों की राय
अंतरराष्ट्रीय मामलों के विशेषज्ञों का कहना है कि यह समझौता केवल हथियारों के लेन-देन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भविष्य में एक नए भू-राजनीतिक Geopolitical ब्लॉक की शुरुआत है। मुस्लिम देशों का यह नया गुट आने वाले समय में मध्य-पूर्व और एशिया-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा संतुलन को पूरी तरह बदल सकता है।











