
दैनिक शुभ भास्कर
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विशेष प्रादेशिक रिपोर्ट
स्थान: मैसूरु कर्नाटक
ऐतिहासिक मैसूरु दशहरा का भव्य समापन: सुरक्षा प्रोटोकॉल उल्लंघन पर घिरे पुलिस अफसर, मुख्यमंत्री शिवकुमार ने दिए उच्च स्तरीय जांच के आदेश
दैनिक शुभ भास्कर सनील कुमार मिश्रा बद्री कर्नाटक मैसुरू 750 किलो की स्वर्ण अंबारी में विराजीं मां चामुंडेश्वरी; जांबू सवारी के साक्षी बने तीन राज्यों के मुख्यमंत्री, लेकिन मंत्रियों को रोकने पर गरमाई राजनीति
मैसूरु। सदियों पुरानी परंपरा और आधुनिक भव्यता के अनूठे संगम के साथ 11 दिवसीय ऐतिहासिक मैसूरु दशहरा उत्सव का बुधवार को विजयादशमी के पावन अवसर पर भव्य समापन हो गया. ‘जांबू सवारी’ पारंपरिक गज जुलूस के दौरान मैसूरु की सड़कों पर संस्कृति का ऐसा वैभव दिखा कि लाखों देशी-विदेशी सैलानी मंत्रमुग्ध हो गए. हालांकि, इस राजकीय उत्सव के अंतिम दिन एक बड़े प्रशासनिक विवाद ने भी जन्म ले लिया, जिसके बाद कर्नाटक की राजनीति और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है. विवाद: पूजा स्थल पर मंत्रियों को रोका, विपक्ष ने कहा- ‘दलित मंत्रियों का अपमान’ नंदी ध्वज पूजा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभाल रहे पुलिस अधीक्षक एसपी सी.बी. ऋष्यंत पर सरकार के ही चार कैबिनेट मंत्रियों को पूजा स्थल में प्रवेश करने से रोकने का आरोप लगा है. रोके गए मंत्रियों में कन्नड़ एवं संस्कृति मंत्री शिवराज तंगदागी, कृषि मंत्री पी.एम. नरेंद्र स्वामी, एच.सी. बालकृष्ण और के.एस. बसवंतप्पा शामिल थे.
घटना का वीडियो वायरल होते ही विपक्षी दलों—भाजपा और जेडीएस—ने सरकार को आड़े हाथों लिया. जेडीएस ने आरोप लगाया कि सामाजिक न्याय की दुहाई देने वाली कांग्रेस सरकार में दलित मंत्रियों को निशाना बनाकर उनका खुला अपमान किया गया है और यह डॉ. बी.आर. अंबेडकर के आदर्शों का उल्लंघन है. मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार का सख्त रुख: मुख्य सचिव को सौंपी जांच
विवाद बढ़ता देख मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने तुरंत मोर्चा संभाला. उन्होंने पुलिस अधिकारियों के इस व्यवहार को ‘मनमाना’ और ‘गैर-जिम्मेदाराना’ करार दिया. मुख्यमंत्री शिवकुमार ने राज्य की मुख्य सचिव शालिनी रजनीश को तत्काल इस पूरे घटनाक्रम की उच्च स्तरीय जांच करने के सख्त निर्देश दिए हैं. मुख्य सचिव को आदेश दिया गया है कि वे वीडियो फुटेज और सुरक्षा प्रोटोकॉल की समीक्षा कर दोषियों की पहचान करें, ताकि जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सके. त्रिवेणी संगम: जांबू सवारी में जुटे तीन राज्यों के मुख्यमंत्री तमाम राजनीतिक हलचलों के बीच, दशहरा की मुख्य पहचान ‘जांबू सवारी’ बेहद ऐतिहासिक रही. जून 2026 में कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद की कमान संभालने के बाद डी.के. शिवकुमार ने पहली बार इस भव्य उत्सव की अगुवाई की. इस अवसर पर अंतरराज्यीय सद्भाव का अनोखा नजारा देखने को मिला, जब विशेष अतिथि के रूप में तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी और केरल के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन भी जुलूस में शामिल हुए.
मुख्य गजराज ‘प्रशांत’ की पीठ पर सजी 750 किलोग्राम वजनी ऐतिहासिक स्वर्ण अंबारी गोल्डन हावड़ा में विराजमान देवी चामुंडेश्वरी की मूर्ति पर तीनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने संयुक्त रूप से पुष्प वर्षा की. इसके साथ ही मैसूरु पैलेस से बन्नीमंतप मैदान तक निकलने वाली बहु-किलोमीटर लंबी शोभायात्रा की औपचारिक शुरुआत हुई. महल की रोशनी और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से सराबोर हुई सांस्कृतिक राजधानी इस वर्ष का 417वां मैसूरु दशहरा अपने आप में अनूठा रहा. उत्सव के दौरान पूरा मैसूरु महल अंबा विलास पैलेस लाखों रंग-बिरंगी लाइटों की रोशनी से जगमगा उठा. जुलूस में कर्नाटक के विभिन्न जिलों का प्रतिनिधित्व करने वाली दर्जनों जीवंत झांकियां शाही गार्ड, सशस्त्र पुलिस बल और पारंपरिक लोक नृत्य मंडलियों फोक ट्रूप्स ने अपनी कला का प्रदर्शन कर समां बांध दिया. देर शाम बन्नीमंतप मैदान में आयोजित पारंपरिक टॉर्चलाइट परेड के साथ ही इस 11 दिवसीय ऐतिहासिक उत्सव का समापन हुआ











