
‘इंडिया’ गठबंधन की रैली कांग्रेस नेता ने चुनाव आयोग और मुख्य निर्वाचन आयुक्त पर वोट चोरी व संस्थाओं के कब्जे का लगाया आरोप
दैनिक शुभ भास्कर सुनील कुमार मिश्रा बद्री नई दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में विपक्षी गठबंधन इंडिया की विशाल रैली के दौरान कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार, भारतीय जनता पार्टी और चुनाव आयोग पर बेहद तीखे सियासी प्रहार किए। राहुल गांधी ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का नाम लेते हुए गंभीर आरोप लगाए और कहा कि देश की संवैधानिक संस्थाओं पर सुनियोजित तरीके से कब्जा किया जा रहा है उन्होंने मंच से हुंकार भरते हुए कहा कि यह लड़ाई किसी एक राजनीतिक दल या नेता की नहीं बल्कि देश के युवाओं किसानों मजदूरों और संविधान को बचाने की लड़ाई है चुनावी पारदर्शिता पर बड़ा सवाल उठाते हुए राहुल गांधी ने दावा किया कि देश में वर्षों से वोट चोरी हो रही है पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश हरियाणा छत्तीसगढ़ महाराष्ट्र कर्नाटक और 2024 के लोकसभा चुनाव में बड़े पैमाने पर वोट चोरी की गई है उन्होंने आरोप लगाया 2024 के चुनाव के बाद मतदाता सूची से 13.5 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए गए हर सात में से एक मतदाता को निकाला गया, जो कुल मतदाताओं का 15 फीसदी है एनडीए और हमारे बीच का अंतर सिर्फ 3 फीसदी था इसका मतलब साफ है कि 2024 का चुनाव अवैध था यह चोरी का चुनाव था मुख्य निर्वाचन आयुक्त पर सीधा निशाना साधते हुए राहुल गांधी ने कहा कि इस तरह की धांधली सामान्य चोरी नहीं बल्कि देशद्रोह और राजद्रोह के समान है उन्होंने कड़े शब्दों में कहा मैं मंच से कह रहा हूं कि ज्ञानेश कुमार सीईसी पद से हटेंगे और जेल जाएंगे ज्ञानेश कुमार के बिना न नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बनते और न ही अमित शाह गृह मंत्री बनते आरएसएस ने देश की सारी संस्थाओं सीबीआई ईडी न्यायपालिका और पुलिस पर कब्जा कर रखा है उन्होंने आगे कहा कि समय आने पर नरेंद्र मोदी अमित शाह और चुनाव आयोग के अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी और कोई भी कानून के शिकंजे से बच नहीं पाएगा देश के आर्थिक हालातों और धन के असमान वितरण पर बोलते हुए राहुल गांधी ने उद्योगपति गौतम अदाणी का जिक्र किया उन्होंने आरोप लगाया कि देश की संपत्तियां हवाई अड्डे रेलवे और बुनियादी ढांचा चुनिंदा लोगों को सौंपा जा रहा है उन्होंने कहा कि देश के छोटे किसानों और मजदूरों का कर्ज माफ नहीं होता जबकि बड़े उद्योगपतियों के हजारों करोड़ रुपए माफ कर दिए जाते हैं अपने संबोधन के अंत में राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि उनकी लड़ाई किसी व्यक्ति विशेष से नफरत के कारण नहीं है बल्कि देश के संविधान लोकतंत्र और हर नागरिक के अधिकारों की रक्षा के लिए है।











