
सड़क हादसे में घायल को अस्पताल पहुंचाने में अब न करें देरी, मददगार को मिलेंगे ₹25 हजार!
ललितपुर। सड़क दुर्घटना के बाद घायल व्यक्ति घंटा बेहद महत्वपूर्ण होता है। लेकिन अक्सर पुलिस और कानूनी कार्रवाई के डर से लोग घायलों की मदद करने से पीछे हट जाते हैं। इसी झिझक को खत्म करने और सड़क हादसों में होने वाली मौतों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से यातायात पुलिस ने जागरूकता अभियान चलाया। सोमवार को पुलिस अधीक्षक संजीव कुमार बाजपेयी के निर्देश पर अपर पुलिस अधीक्षक कालू सिंह एवं क्षेत्राधिकारी यातायात राजेश कुमार श्रीवास्तव के निर्देशन में यातायात प्रभारी आलोक कुमार तिवारी ने ललितपुर रेलवे स्टेशन परिसर में टैक्सी और ई-रिक्शा चालकों सहित आम नागरिकों को पीएम राहत योजना एवं राहवीर योजना की जानकारी दी। अभियान के दौरान बताया गया कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को तत्काल अस्पताल पहुंचाने से उसकी जान बचने की संभावना बढ़ जाती है। पीएम राहत योजना के अंतर्गत पात्र दुर्घटना पीड़ितों को दुर्घटना की तारीख से सात दिनों तक अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक का कैशलेस उपचार उपलब्ध कराने का प्रावधान है। यह सुविधा राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य राजमार्ग और स्थानीय सड़कों पर होने वाली दुर्घटनाओं के लिए भी लागू है। वाहन बीमित हो या बिना बीमा का हो अथवा हिट एंड रन का मामला हो, योजना के निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पीड़ित को उपचार का लाभ मिल सकता है। वहीं राहवीर योजना के तहत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की जान बचाने के लिए तत्काल मदद करने वाले नागरिक को 25 हजार रुपये की नकद प्रोत्साहन राशि, प्रशस्ति-पत्र और राहवीर की उपाधि दिए जाने का प्रावधान है। मोटर वाहन अधिनियम की धारा 134A के तहत नेक मददगारों को निर्धारित कानूनी संरक्षण भी प्रदान किया गया है, ताकि वे पुलिस और कानूनी कार्रवाई के भय के बिना घायलों की सहायता कर सकें। यातायात पुलिस ने टैक्सी एवं ई-रिक्शा चालकों से अपील की कि सड़क पर कहीं भी दुर्घटना दिखाई देने पर तमाशबीन बनने के बजाय घायल को तत्काल चिकित्सा सहायता दिलाने में सहयोग करें। साथ ही आम नागरिकों को भी समझाया गया कि किसी की जान बचाने के लिए उठाया गया एक छोटा-सा कदम किसी परिवार को जीवनभर का सहारा दे सकता है।
सड़क पर दुर्घटना देखकर आगे बढ़ जाना नहीं, बल्कि मदद के लिए हाथ बढ़ाना ही सच्ची इंसानियत है। यातायात पुलिस की इस पहल का उद्देश्य स्पष्ट है—सड़क सुरक्षा के साथ-साथ हर नागरिक को जीवन रक्षक बनाना।











