
खातेगांव TI हत्याकांड: देवास पुलिस का बड़ा एक्शन, आलीराजपुर से मुख्य आरोपी गिरफ्तार, मिनी ट्रक जब्त
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दैनिक शुभ भास्कर ब्यूरो देवास भोपाल इंदौर-बैतूल हाईवे पर अवैध शराब तस्करों द्वारा खातेगांव थाना प्रभारी TI दिलीप कुमार पुरी को मिनी ट्रक से कुचलकर शहीद करने के मामले में पुलिस प्रशासन ने चौबीस घंटे के भीतर बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए वारदात में इस्तेमाल किए गए आयशर मिनी ट्रक को जब्त कर लिया है। इसके साथ ही आलीराजपुर पुलिस की मदद से घेराबंदी कर वाहन के मालिक और मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस महानिदेशक DGP के निर्देश पर गठित विशेष टीमों ने इस पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया। नाकाबंदी तोड़कर पुलिस टीम पर चढ़ाई थी गाड़ी रविवार देर रात पुलिस को सूचना मिली थी कि इंदौर-बैतूल हाईवे के रास्ते भारी मात्रा में अवैध शराब की खेप ले जाई जा रही है। इस इनपुट पर खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप कुमार पुरी अपनी टीम के साथ बरझाई घाट के पास नाकाबंदी कर वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान एक तेज रफ्तार आयशर मिनी ट्रक आता दिखा। पुलिस टीम ने जब उसे रुकने का इशारा किया, तो चालक ने गति धीमी करने के बजाय बैरिकेड्स को तोड़ते हुए सीधे थाना प्रभारी के ऊपर गाड़ी चढ़ा दी और मौके से फरार हो गए। इस भीषण टक्कर में गंभीर रूप से घायल TI पुरी ने अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही दम तोड़ दिया। आलीराजपुर बॉर्डर पर घेराबंदी कर दबोचा
घटना के तुरंत बाद पूरे संभाग में रेड अलर्ट जारी कर नाकाबंदी की गई थी। देवास एसपी के निर्देशन में आरोपियों की धरपकड़ के लिए पांच अलग-अलग टीमें गठित की गईं। साइबर सेल और स्थानीय मुखबिरों की मदद से पुलिस ने तस्करों के भागने के रूट को ट्रैक किया। जैसे ही वाहन के आलीराजपुर जिले की ओर बढ़ने के इनपुट मिले, देवास पुलिस ने आलीराजपुर पुलिस से संपर्क साधा। दोनों जिलों की पुलिस ने संयुक्त ऑपरेशन चलाते हुए घेराबंदी की और तस्करों के मिनी ट्रक को जब्त कर मुख्य आरोपी को हिरासत में ले लिया। पुलिस अब आरोपी से शराब माफिया के पूरे नेटवर्क और अन्य सह-आरोपियों के गुप्त ठिकानों को लेकर कड़ी पूछताछ कर रही है।
शहीद परिवार को 1 करोड़ की सम्मान निधि, पत्नी बनेंगी सब-इंस्पेक्टर इस दुखद घटना पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने गहरा शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने कर्तव्य की वेदी पर सर्वोच्च बलिदान देने वाले थाना प्रभारी दिलीप कुमार पुरी को शहीद का दर्जा देते हुए उनके परिवार के लिए बड़ी घोषणाएं की हैं: पीड़ित परिवार को तत्काल 1 करोड़ रुपये की सम्मान निधि दी जाएगी। शहीद TI की पत्नी को सब-इंस्पेक्टर SI के पद पर शासकीय नौकरी दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि मध्य प्रदेश में माफियाओं के लिए कोई जगह नहीं है और इस दुस्साहस के पीछे शामिल पूरे शराब सिंडिकेट को पूरी तरह से नेस्तनाबूद किया जाएगा।
माफियाओं के ठिकानों पर बुलडोजर चलाने की तैयारी प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी और इस अवैध कारोबार में शामिल अन्य अपराधियों के अवैध निर्माणों तथा आर्थिक स्रोतों की कुंडली खंगाली जा रही है। पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीमें उनके ठिकानों को चिन्हित कर रही हैं, जिन पर जल्द ही प्रशासन का बुलडोजर चल सकता है। मामले में शामिल अन्य फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस की छापेमारी लगातार जारी है।











