
सफेद कोट पहनते ही 100 नए विद्यार्थियों के कंधों पर आई मानव सेवा की जिम्मेदारी, मेडिकल कॉलेज में गूंजा चिकित्सा सेवा का संकल्प
श्वेत कोट समारोह में मंत्री मनोहर लाल पंथ और विधायक रामरतन कुशवाहा ने विद्यार्थियों को दिया सेवा, समर्पण और संवेदनशीलता का संदेश
दैनिक शुभ भास्कर सुरज सिंह उत्तर प्रदेश बुंदेलखंड ललितपुर,स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय, ललितपुर में सोमवार को एमबीबीएस 2026 बैच के 100 नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए श्वेत कोट समारोह का भव्य आयोजन किया गया। सफेद कोट धारण करते ही नए विद्यार्थियों के लिए चिकित्सा शिक्षा के साथ मानव सेवा की जिम्मेदारी का भी औपचारिक आगाज हुआ।

समारोह में विद्यार्थियों को यह संदेश दिया गया कि डॉक्टर की पहचान केवल उसकी डिग्री और ज्ञान से नहीं, बल्कि मरीजों के प्रति उसके व्यवहार, संवेदना और सेवा भावना से होती है।कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री मनोहर लाल पंथ, सदर विधायक रामरतन कुशवाहा, मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. मयंक कुमार शुक्ला, उपप्रधानाचार्य श्रुति सिंह, मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. मधुरेंद्र राजपूत एवं सीएमएस डॉ. गजेंद्र सिंह सहित वरिष्ठ चिकित्सक और संकाय सदस्य मौजूद रहे।समारोह के दौरान अतिथियों ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों को श्वेत कोट पहनाकर उनके चिकित्सकीय सफर की शुरुआत कराई। इसके बाद प्रधानाचार्य डॉ. मयंक कुमार शुक्ला ने विद्यार्थियों को महर्षि चरक शपथ दिलाई। विद्यार्थियों ने चिकित्सा सेवा में ईमानदारी, करुणा, संवेदनशीलता और नैतिक मूल्यों को सर्वोपरि रखने का संकल्प लिया।मंत्री मनोहर लाल पंथ ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि चिकित्सा का क्षेत्र केवल पेशा नहीं, बल्कि मानवता की सेवा का माध्यम है। उन्होंने विद्यार्थियों को कुशल चिकित्सक बनने के साथ अच्छा इंसान बनने की भी प्रेरणा दी। वहीं सदर विधायक रामरतन कुशवाहा ने निरंतर परिश्रम, अनुशासन और लगन के साथ अध्ययन करने का संदेश दिया।प्रधानाचार्य डॉ. मयंक कुमार शुक्ला ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि मरीजों के प्रति संवेदनशीलता और सेवा का भाव एक अच्छे चिकित्सक की सबसे बड़ी पहचान है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि महाविद्यालय प्रशासन विद्यार्थियों की शिक्षा और प्रशिक्षण में हरसंभव सहयोग प्रदान करेगा।समारोह में विद्यार्थियों की ओर से प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने आयोजन को यादगार बना दिया। सुव्यवस्थित मंच संचालन और उत्साहपूर्ण माहौल के बीच नए चिकित्सक बनने की राह पर कदम बढ़ा रहे विद्यार्थियों में खासा उत्साह दिखाई दिया।सफेद कोट की असली पहचान सेवा और विश्वास श्वेत कोट समारोह केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि चिकित्सा जगत में प्रवेश करने वाले विद्यार्थियों के लिए एक बड़ी जिम्मेदारी का प्रतीक है।
यह कोट उन्हें याद दिलाता है कि अस्पताल पहुंचने वाला हर मरीज केवल उपचार ही नहीं, बल्कि उम्मीद, भरोसा और संवेदनशील व्यवहार भी चाहता है। ऐसे में इन 100 विद्यार्थियों के सामने अब चुनौती केवल सफल डॉक्टर बनने की नहीं, बल्कि समाज के विश्वास पर खरा उतरने वाले संवेदनशील चिकित्सक बनने की भी है।











