
अमर्यादित बोल: प्रधानमंत्री के दिवंगत पिता पर खड़गे की टिप्पणी से देश भर में उबाल, भाजपा का हल्ला बोल
Https shubhbhaskar.co.in
विशेष ब्यूरो, दैनिक शुभ भास्कर
बिहार पटना।राजनीति में वैचारिक मतभेद होना स्वाभाविक है, लेकिन जब देश की सबसे पुरानी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ही भाषाई मर्यादा को तार-तार कर दें, तो लोकतंत्र की गरिमा पर सवाल उठना लाजिमी है। बिहार की राजधानी पटना में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ इस्तेमाल की गई अभद्र भाषा “मोदी का बाप भी जाएगा” ने इस समय पूरे देश की राजनीति को शर्मसार कर दिया है। एक वरिष्ठ और अनुभवी राजनेता से इस तरह की सड़क छाप भाषा की उम्मीद किसी ने नहीं की थी।मंच से खोया आपा, दी अमर्यादित प्रतिक्रिया यह पूरा विवाद 25 अक्टूबर को पटना के बापू सभागार में बिहार के पहले मुख्यमंत्री डॉ. श्री कृष्ण सिंह की जयंती समारोह के दौरान शुरू हुआ। खड़गे मंच से केंद्र सरकार और चुनाव प्रक्रियाओं पर तीखा हमला बोल रहे थे। इसी बीच दर्शक दीर्घा में बैठे एक शख्स ने नारा लगाया कि “मोदी नहीं जाएगा इस सामान्य से नारे पर कांग्रेस अध्यक्ष अपना आपा खो बैठे और मर्यादा की सारी सीमाएं लांघ दीं। उन्होंने मंच से चिल्लाते हुए तीन बार दोहराया— “मोदी का बाप भी जाएगा… बाप भी जाएगा।” इतना ही नहीं, कांग्रेस अध्यक्ष के इस उकसावे के बाद वहां मौजूद कार्यकर्ताओं ने नारा लगाने वाले शख्स की बेरहमी से पिटाई कर दी और उसे हॉल से बाहर फेंक दिया।’बाप’ पर टिप्पणी क्यों है राजनीतिक गिरावट का प्रमाण भारतीय राजनीति में हमेशा से नेताओं के कामकाज, उनकी नीतियों और उनके बयानों पर हमले होते आए हैं। लेकिन मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री के दिवंगत पिता को घसीटकर यह साबित कर दिया कि कांग्रेस राजनीतिक हताशा के उस दौर में पहुंच चुकी है जहां उसके पास तर्कों की भारी कमी है। किसी भी लोकतांत्रिक देश के प्रधानमंत्री के माता-पिता पर इस तरह की ओछी टिप्पणी करना न सिर्फ नैतिक रूप से गलत है, बल्कि यह देश के करोड़ों नागरिकों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला कृत्य है।देश भर में आक्रोश, भाजपा दर्ज करा रही FIR इस अमर्यादित बयान के बाद भारतीय जनता पार्टी भाजपा ने कांग्रेस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। देशव्यापी प्रदर्शन: आज 26 अक्टूबर भाजपा पूरे देश में कांग्रेस और मल्लिकार्जुन खड़गे के पुतले फूंक कर विरोध प्रदर्शन कर रही है।कानूनी कार्रवाई: पटना के कोतवाली थाने में खड़गे के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने और माहौल बिगाड़ने के आरोप में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई है।
नेताओं का पलटवार: केंद्रीय मंत्रियों और वरिष्ठ भाजपा नेताओं ने कहा है कि जनता इस अपमान का बदला बैलेट बॉक्स चुनाव के जरिए कांग्रेस को देगी कांग्रेस का लचर बचाव विवाद बढ़ता देख कांग्रेस अब बैकफुट पर आ गई है। पार्टी की ओर से यह हास्यास्पद दलील दी जा रही है कि खड़गे का मतलब पीएम के सगे पिता से नहीं, बल्कि उनके ‘वैचारिक पिता’ यानी आरएसएस (RSS) से था। हालांकि, यह साफ है कि सार्वजनिक मंच से बोले गए इन कड़वे और अमर्यादित शब्दों को किसी भी स्पष्टीकरण से धोया नहीं जा सकता।*शुभ भास्कर* का दृष्टिकोण* राजनीति में सत्ता आती-जाती रहती है, लेकिन जो भाषा और संस्कार सार्वजनिक मंचों से परोसे जा रहे हैं, वे समाज में कड़वाहट घोलने का काम करते हैं। मल्लिकार्जुन खड़गे जैसे कद्दावर नेता को ऐसी अभद्र और अमर्यादित भाषा के प्रयोग से हर हाल में बचना चाहिए था।











