
संप्रेक्षण गृह में 49 बच्चों की जिंदगी और भविष्य का लिया जायजा, डीएम ने दिए कौशल विकास के निर्देश
पढ़ाई के साथ योग, व्यायाम और खेलकूद पर भी रहेगा जोर, भोजन की गुणवत्ता से लेकर सुरक्षा व्यवस्था तक परखी गईं खामियां
दैनिक शुभ भास्कर सुरज सिंह उत्तर प्रदेश ललितपुर बच्चों के बेहतर भविष्य और उनके अधिकारों को लेकर प्रशासन ने राजकीय संप्रेक्षण गृह की व्यवस्थाओं की पड़ताल की। जिलाधिकारी सत्य प्रकाश ने बुधवार को नेहरूनगर स्थित राजकीय संप्रेक्षण गृह का औचक निरीक्षण कर वहां रह रहे 49 बच्चों के रहन-सहन, शिक्षा, खानपान, स्वास्थ्य और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान सभी बच्चे शिक्षण कार्य करते मिले। जिलाधिकारी ने संप्रेक्षण गृह के शयन कक्ष, क्लास रूम, शौचालय और रसोईघर का निरीक्षण किया। उन्होंने बच्चों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी लेते हुए भोजन की गुणवत्ता और पोषण पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। स्पष्ट कहा कि बच्चों को निर्धारित मीनू के अनुसार पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाए, ताकि उनके स्वास्थ्य से किसी प्रकार का समझौता न हो। सिर्फ किताबी पढ़ाई नहीं, हुनरमंद बनेंगे बच्चे निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने बच्चों के भविष्य को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि औपचारिक शिक्षा के साथ बच्चों को तकनीकी और व्यावसायिक प्रशिक्षण भी उपलब्ध कराया जाए। इसके लिए ट्रिपल सी CCC सहित अन्य रोजगारपरक पाठ्यक्रमों का प्रशिक्षण दिलाने के निर्देश दिए, जिससे बच्चे भविष्य में आत्मनिर्भर बन सकें और समाज की मुख्यधारा से जुड़कर सम्मानजनक जीवन जी सकें। डीएम ने शारीरिक और मानसिक विकास को भी शिक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए नियमित योग, व्यायाम और खेलकूद की गतिविधियां संचालित कराने को कहा। उनका जोर रहा कि बच्चों का सर्वांगीण विकास केवल कक्षा तक सीमित न रहे, बल्कि उन्हें स्वस्थ वातावरण और सकारात्मक गतिविधियों से भी जोड़ा जाए। सुरक्षा और साफ-सफाई में लापरवाही बर्दाश्त नहीं परिसर में निर्माणाधीन बाउंड्रीवॉल का निरीक्षण करते हुए जिलाधिकारी ने कार्य को गुणवत्तापूर्ण ढंग से जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए। साथ ही शयन कक्ष, कक्षाओं, शौचालयों और पूरे परिसर में नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के निर्धारित मानकों के अनुरूप बच्चों को सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है। बच्चों के कल्याण, सुरक्षा और अधिकारों से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक संजीव कुमार बाजपेई, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. वीरेन्द्र सिंह, एसडीएम सदर हेमंत पटेल, डीआईओएस ओपी सिंह, बीएसए रत्नेश कुमार, डीपीओ नन्दलाल सिंह एवं नीरज सिंह, डीआईओ डीएस दयाल, डीपीआरओ कुंवर सिंह यादव सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।











